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Ranchi News: IND vs WI मैच के टिकट वितरण में पारदर्शिता की मांग, अधिवक्ता हेमंत सिकरवार ने लिखा पत्र

Ranchi News: झारखंड स्टेट बार काउंसिल के पूर्व सदस्य और हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन के पूर्व महासचिव अधिवक्ता हेमंत कुमार सिकरवार ने जेएससीए के मानद सचिव को पत्र लिखकर पूरी व्यवस्था को सार्वजनिक करने का आग्रह किया है.
 

Ranchi News: झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (जेएससीए) इंटरनेशनल स्टेडियम में मैचों के टिकट और कॉम्प्लिमेंट्री पास वितरण में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग उठी है. झारखंड स्टेट बार काउंसिल के पूर्व सदस्य और हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन के पूर्व महासचिव अधिवक्ता हेमंत कुमार सिकरवार ने जेएससीए के मानद सचिव को पत्र लिखकर पूरी व्यवस्था को सार्वजनिक करने का आग्रह किया है. 


उन्होंने नियमों का हवाला देते हुए कहा है कि स्टेडियम की कुल क्षमता का कम से कम 90 प्रतिशत हिस्सा आम क्रिकेट प्रेमियों के लिए खुली और पारदर्शी बिक्री में उपलब्ध होना चाहिए.


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90% टिकटों पर आम जनता का अधिकार

अधिवक्ता शिकारवार ने अपने प्रतिवेदन में जेएससीए नियमावली के नियम 33(v) और बीसीसीआई संविधान के नियम 37(8) का उल्लेख किया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमों के तहत कॉम्प्लिमेंट्री और मुफ्त पास का कोटा अधिकतम 10 प्रतिशत तक ही सीमित होना चाहिए. शेष 90 प्रतिशत सीटें सीधे टिकट खरीदने वाले आम दर्शकों के लिए उपलब्ध रहनी चाहिए. उन्होंने चिंता जताई कि सार्वजनिक बुकिंग शुरू होने से पहले ही बड़ी संख्या में सीटें पास, प्रायोजकों और विशेष कोटे में बांट दी जाती हैं, जिससे आम दर्शक वंचित रह जाते हैं.

सार्वजनिक हो सीटों और पास का ब्योरा

आगामी 9 अक्टूबर 2026 को रांची में होने वाले भारत–वेस्टइंडीज टी20 मैच का जिक्र करते हुए उन्होंने मांग की है कि टिकटों की बिक्री शुरू होने से पहले जेएससीए अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर पूरा ब्योरा जारी करे. इसमें कुल अधिकृत क्षमता, ऑनलाइन और ऑफलाइन बिक्री का कोटा, श्रेणीवार दरें और बांटे जाने वाले पासों की संख्या स्पष्ट होनी चाहिए. 

 

इसके साथ ही कॉम्प्लिमेंट्री पास पाने वाले संस्थानों और श्रेणियों का एक ऑडिटेबल रजिस्टर बनाने की मांग की गई है, ताकि यह साफ रहे कि कितनी सीटें जनता को मिलीं और कितनी पास के रूप में दी गईं.

कालाबाजारी पर रोक और वित्तीय खुलासे पर जोर

टिकटों की कालाबाजारी और अवैध जमाखोरी रोकने के लिए उन्होंने प्रति व्यक्ति टिकट खरीद की सीमा तय करने, सत्यापित मोबाइल नंबर से खरीदारी और थोक बुकिंग की सख्त निगरानी का प्रस्ताव दिया है. इसके साथ ही उन्होंने टिकटों से मिले राजस्व, बिना बिके टिकटों के हिसाब और 30 नवंबर 2025 को हुए भारत–दक्षिण अफ्रीका वनडे मैच के वित्तीय व जीएसटी से जुड़े दस्तावेजों के भी पूर्ण खुलासे की मांग की है, जिससे खेल प्रेमियों का व्यवस्था पर भरोसा कायम रह सके.

 

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