Ranchi : रांची समाहरणालय बलोक ‘ए’ में सोमवार को जनता दरबार में संवेदनशील प्रशासन की मिसाल देखने को मिली. उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने चलने-फिरने में असमर्थ दिव्यांग युवक शाहनवाज आलम को तत्काल इलेक्ट्रिक ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराई. शाहनवाज हाथों के सहारे जनता दरबार पहुंचे थे.
उन्होंने उपायुक्त को अपनी परेशानी बताई, जिसके बाद दस्तावेजों की जांच कर कुछ ही देर में ट्राईसाइकिल उपलब्ध करा दी गई. उपायुक्त खुद शाहनवाज को ट्राईसाइकिल तक लेकर गए और कार्यालय परिसर से बाहर तक छोड़ने पहुंचे. नई ट्राईसाइकिल मिलने के बाद युवक के चेहरे पर खुशी साफ दिखी.
जनता दरबार देर शाम तक चला, जहां बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे
उपायुक्त ने सुदूर ग्रामीण इलाकों से आए लोगों को प्राथमिकता देते हुए अधिकारियों को आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान करने का निर्देश दिया.
आंगनवाड़ी सेविकाओं ने मानदेय भुगतान और पोषाहार राशि में गड़बड़ी की शिकायत की. इस पर उपायुक्त ने जिला समाज कल्याण पदाधिकारी को जांच कर जल्द समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि लाभुकों से जुड़े मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
अनगड़ा निवासी सेवाराम महतो ने जमीन के दाखिल-खारिज में गड़बड़ी की शिकायत की. जांच के बाद उपायुक्त ने संबंधित कर्मचारी के खिलाफ आरोप पत्र गठित करने का आदेश दिया. वहीं, सोनाहातू के एक आवेदक ने प्लॉट सुधार में देरी का मामला उठाया, जिस पर संबंधित अंचल अधिकारी को फटकार लगाई गई.
मांडर क्षेत्र से कब्रिस्तान की जमीन पर कब्जे की शिकायत भी जनता दरबार में पहुंची. उपायुक्त ने मामले की जांच कर कार्रवाई का निर्देश देते हुए कहा कि सरकारी जमीन पर अतिक्रमण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. साथ ही लंबित मुआवजा भुगतान मामलों के त्वरित निष्पादन का निर्देश भी अधिकारियों को दिया.
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