Ranchi : रांची के हरमू अस्पताल व रिसर्च सेंटर के निदेशक और रिम्स से सेवानिवृत्त चिकित्सक डॉ सुहास तेतरवेह एक बार फिर अपनी मानवीय सोच और जनसेवा को लेकर चर्चा में हैं. सस्ती, सुलभ और जरूरतमंदों के लिए निःशुल्क चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने की दिशा में वह लगातार काम कर रहे हैं.
डॉ तेतरवेह झारखंड में रक्तदान आंदोलन के शुरुआती अगुवाओं में शामिल रहे हैं. 24 मई को मनाए जाने वाले झारखंड रक्तदाता दिवस के संस्थापकों में भी उनकी अहम भूमिका रही है. जानकारी के अनुसार वह अब तक 70 से अधिक बार रक्तदान कर चुके हैं.
हरमू अस्पताल व रिसर्च सेंटर में करीब 100 बेड की अत्याधुनिक और व्यवस्थित स्वास्थ्य सुविधा रियायती दरों पर उपलब्ध कराई जा रही है. यहां कैंसर मरीजों और सामान्य प्रसव वाली महिलाओं के लिए निःशुल्क इलाज की व्यवस्था भी है. अस्पताल के एक विशेष वार्ड का नाम रानी वार्ड रखा गया है. बताया गया कि लंबे समय तक भर्ती रही एक मरीज रानी के नाम पर यह वार्ड बनाया गया.
हाल ही में लहू बोलेगा रक्तदान संगठन और झारखंड थैलेसीमिया पीड़ित एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने अस्पताल पहुंचकर डॉ तेतरवेह से मुलाकात की. इस दौरान थैलेसीमिया, सिकल सेल एनीमिया, अप्लास्टिक एनीमिया और हीमोफीलिया से पीड़ित बच्चों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई.
चर्चा के दौरान डॉ सुहास तेतरवेह ने मानवीय पहल करते हुए 10 पीड़ित बच्चों के लिए रोजाना निःशुल्क व्यवस्था उपलब्ध कराने का प्रस्ताव दिया. अस्पताल में भर्ती कांके की एक सिकल सेल एनीमिया पीड़िता का भी निःशुल्क इलाज और देखभाल की जा रही है.निर्णय लिया गया है कि 19 मई 2026 को इस विशेष वार्ड का उद्घाटन किया जाएगा.
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