Ranchi News : डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय परिसर में शुक्रवार को झारखंड छात्र अधिकार मोर्चा की ओर से देश की पहली मुस्लिम महिला शिक्षिकाओं में शामिल और समाज सुधारक फातिमा शेख की पुण्यतिथि मनाई गई.
इस अवसर पर छात्र-छात्राओं व संगठन के सदस्यों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को याद किया.
इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि फातिमा शेख ने उस दौर में शिक्षा की अलख जगाई, जब महिलाओं और वंचित वर्गों के लिए शिक्षा प्राप्त करना बेहद चुनौतीपूर्ण था. उन्होंने सावित्रीबाई फुले के साथ मिलकर महिला शिक्षा को बढ़ावा देने और सामाजिक रूढ़ियों के खिलाफ संघर्ष करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
मोर्चा के अध्यक्ष दयाराम ने कहा कि फातिमा शेख ने सामाजिक रूढ़ियों और पाबंदियों को चुनौती देते हुए महिलाओं की शिक्षा का मार्ग प्रशस्त किया. आज समाज में शिक्षा और समानता के क्षेत्र में जो प्रगति दिखाई दे रही है, उसकी नींव ऐसे ही महान समाज सुधारकों के संघर्ष पर टिकी है.
उन्होंने कहा कि फातिमा शेख के विचार आज भी प्रासंगिक हैं. समाज के प्रत्येक व्यक्ति को उनके संघर्ष और आदर्शों से प्रेरणा लेते हुए शिक्षा को बढ़ावा देने तथा एक समान और जागरूक समाज के निर्माण के लिए प्रयास करना चाहिए.

