Ranchi: झारखंड की राजनीति में उस समय हलचल तेज हो गई, जब नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर रांची स्थित बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल में एक महिला कैदी के कथित यौन शोषण का मामला उठाया. पत्र में जेल अधीक्षक पर महिला कैदी का लगातार मानसिक और शारीरिक शोषण करने का आरोप लगाया गया है. मरांडी ने दावा किया है कि पीड़िता फिलहाल गर्भवती है.
पत्र में आरोप लगाया गया है कि मामले को दबाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं. मरांडी ने कारा महानिरीक्षक पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि फाइलों को गायब करने और संबंधित अधिकारियों को संरक्षण देने की कोशिश की जा रही है.
उन्होंने यह भी कहा कि जेल के अंदर लंबे समय से संगठित तरीके से गलत गतिविधियां चल रही हैं. मामले को दबाने और गवाहों को चुप कराने के लिए प्रभाव और पैसों का इस्तेमाल किए जाने का भी आरोप लगाया गया है.
मरांडी ने पत्र में यह चिंता भी जताई कि मामले से जुड़े वैज्ञानिक और कानूनी साक्ष्यों को खत्म करने की कोशिश हो रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि गर्भवती महिला कैदी को बीमारी का बहाना बनाकर जेल से बाहर अलग-अलग स्थानों और अस्पतालों में ले जाया जा रहा है ताकि फॉरेंसिक साक्ष्यों को प्रभावित किया जा सके.
पत्र के अनुसार, इस मामले के कुछ अहम गवाहों को भी अचानक स्थानांतरित या पदमुक्त कर दिया गया है. मरांडी ने मुख्यमंत्री से पूरे मामले में तत्काल और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है. उन्होंने कहा कि यदि आरोपित अधिकारियों पर जल्द सख्त कार्रवाई नहीं होती है तो इससे यह संदेश जाएगा कि राज्य का प्रशासनिक तंत्र इस मामले को दबाने में शामिल है.
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