Ranchi : कृषि व्यापार मेला में किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए आधुनिक व हाईटेक मशीन लगाए गए है. 90 प्रतिशत अनुदान किसानों को मिलने वाले लाभ के बारे में बताए जा रहे है. इसी क्रम में झारखंड के सिमडेगा जिले में केलाघाट में पाले जा रहे महाझींगा मछली के स्टॉल भी कृषि व्यापार मेले में लगाए गए है. जो काफी आकर्षक बताए जा रहे है. 1000 रूपये में तीन महाझींगा मछली खरीदा जा सकता है. जो करीब 250 ग्राम की है.
राज्य के 9 जिलों में महाझींगा मछली पालन को मिल रहा है बढ़ावा
झारखंड के जलाशयों में महाझींगा (फ्रेशवॉटर) में पालन इन दिनों चर्चा में है. विभिन्न जिलों में यह परियोजना सफलतापूर्वक संचालित हो रही है. जिसमें सिमडेगा के केलाघाट (तेलाघाट) जलाशय सहित कई जलाशयों में महाझींगा का उत्पादन किया जा रहा है. राज्य के 9 जिलों में इस योजना का विस्तार किया गया है. सिमडेगा के अलावा गुमला, लोहरदगा, दुमका और अन्य जिलों के जलाशयों में भी महाझींगा पालन हो रहा है.
इस परियोजना में ICAR-Central Inland Fisheries Research Institute, कोलकाता का तकनीकी सहयोग मिल रहा है. संस्थान के वैज्ञानिक एके दास ने बताया कि महाझींगा की फसल लगभग 9 महीने में तैयार हो जाती है. महाझींगा पालने में किसानों और मत्स्य पालकों के लिए अतिरिक्त आय का अच्छा स्रोत बन रहा है.
वर्तमान में 200 से 400 हेक्टेयर क्षेत्र में इसका उत्पादन किया जा रहा है, जबकि राज्य में लगभग 1000 हेक्टेयर जलाशय क्षेत्र में इसके विस्तार की संभावनाएं हैं. महाझींगा की मांग बाजार में लगातार बढ़ रही है. इसी कारण राज्य सरकार और मत्स्य विभाग इसके व्यावसायिक उत्पादन को बढ़ावा देने पर जोर दे रहे हैं.
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