Ranchi : जगन्नाथपुर मेला समाप्त हो गया. लेकिन मेला आयोजित करने वाले ठेकेदार ने टेंडर की शर्तों के अनुसार पूरा पैसा नहीं दिया. अधिवक्ता हर्ष कुमार द्वारा उपायुक्त को भेजी गयी शिकायती पत्र में इस तथ्य का उल्लेख किया गया है. साथ ही 2023-26 तक के टेंडर में हुई गड़बड़ी की जांच की मांग की गयी है.
उपायुक्त को भेजे गये शिकायती पत्र में कहा गया है कि वर्ष 2026 में मेला के आयोजन के लिए प्रकाशित टेंडर में सफल ठेकेदार को 2.27 करोड़ रुपये में मेला आयोजित करने का काम दिया गया था. मेला के लिए प्रकाशित टेंडर की शर्तों के अनुसार सफल ठेकेदार को मेला समाप्त होने या उससे पहले तक पूरी राशि जमा करना था.
टेंडर की शर्तों के अनुसार, काम मिलने के बाद ठेकेदार को तीन दिनों के अंदर टेंडर राशि का 50% (1.135 करोड़) राशि बैंक ड्रॉफ्ट के माध्यम से जमा करना था. इसके अलावा 50% (56.75 लाख) राशि की बैंक गारंटी देनी थी. शेष 50% (56.75 लाख) रुपये मेला समाप्त होने तक जमा करना था. लेकिन ठेकेदार ने सिर्फ एक करोड़ रुपये ही जमा किया है.
उपायुक्त को भेजे गये शिकायती पत्र में मंदिर न्यास समिति द्वारा वर्ष 2023-26 तक की अवधि में टेंडर में गड़बड़ी करने का आरोप लगाया गया है. साथ ही इसके जांच की मांग की गयी है. शिकायती पत्र में कहा गया है कि 41.27 एकड़ क्षेत्र में मेले का आयोजन किया जाता है. वर्ष 2023 में मेले का टेंडर 75 लाख रुपये में हुआ था. वर्ष 2024 मेले का टेंडर 1.92 करोड़ रुपये में हुआ था. लेकिन ठेकेदार ने 1.70 करोड़ रुपये ही जमा किया था.
वर्ष 2025 में मेले के टेंडर में अप्रत्याशित ढंग से गिरावट दर्ज की गयी. 2025 में मेला का टेंडर सिर्फ 51 लाख रुपये में हुआ. मेले का क्षेत्रफल समान रहने और दुकानों की संख्या में किसी तरह की कमी नहीं होने के बावजूद 2024 के मुकाबले सिर्फ 51 लाख रुपये में मेले का टेंडर होना अप्रत्याशित है. उपायुक्त को भेजे गये पत्र में मेले के टेंडर में हुई इस भारी गिरवाट के कारणों की स्वतंत्र जांच की मांग की गयी है.
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