Ranchi News : राजधानी रांची समेत पूरे झारखंड में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं. मंदिरों और सार्वजनिक पूजा पंडालों की सजावट अंतिम चरण में है. जगह-जगह दही-हांडी और गोविंदा उत्सव को लेकर उत्साह देखा जा रहा है.
शहर के प्रमुख चौराहों और मैदानों में दही-हांडी प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है, जहां गोविंदाओं की टोलियां मानव पिरामिड बनाकर मटकी फोड़ने का प्रयास करेंगी. कृष्ण जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में मंदिरों में बाल-गोपाल की सुंदर झांकियां सजाई जा रही हैं. विभिन्न धार्मिक संगठनों की ओर से भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित की जाएंगी.
जानें शुभ मुहूर्त और विशेष योग
जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव अर्धरात्रि में मनाया जाता है. पंचांग के अनुसार, पूजा का निशीथ काल रात लगभग 11:57 बजे से 12:43 बजे तक रहेगा. इस वर्ष अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र का शुभ संयोग बन रहा है, जिसे जन्मोत्सव पूजा के लिए अत्यंत फलदायी माना गया है. भक्तों में जन्माष्टमी और दही-हांडी कार्यक्रम को लेकर काफी उमंग है.

