Ranchi: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा (PT) 2026 के परिणाम को लेकर उठ रहे विवाद के बीच युवा आजसू ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर मेन्स परीक्षा पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है. युवा आजसू के प्रदेश संयोजक चेतन प्रकाश के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में परीक्षा परिणाम की पारदर्शिता और वैधता पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं.

युवा आजसू ने राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन
ज्ञापन में कहा गया है कि आयोग ने अब तक श्रेणीवार कट-ऑफ जारी नहीं किया है, जबकि 16 दिनों के भीतर मेन्स परीक्षा आयोजित करने की तैयारी की जा रही है. इससे अभ्यर्थियों में भ्रम और असंतोष की स्थिति बनी हुई है.
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युवा आजसू ने मांग की है कि मेन्स परीक्षा तत्काल स्थगित की जाए, पीटी परीक्षा के परिणाम की समीक्षा कर श्रेणीवार कट-ऑफ जारी किया जाए तथा ST, SC, OBC-I, OBC-II और EWS सहित सभी वर्गों की अलग-अलग कट-ऑफ और उत्तर कुंजी सार्वजनिक की जाए.
ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि अनारक्षित वर्ग की 50 सीटों पर 1122 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया है, जिनमें बड़ी संख्या हरियाणा और उत्तर प्रदेश के अभ्यर्थियों की बताई जा रही है. संगठन ने परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी और चयन प्रक्रिया पर भी स्पष्टीकरण की मांग की है.
इसके अलावा परिणाम तैयार करने की प्रक्रिया, 103 रिक्त पदों के विरुद्ध 2204 अभ्यर्थियों का परिणाम जारी करने, सोशल मीडिया पर वायरल OMR शीट, परिणाम में 832 अभ्यर्थियों के क्रमांक गायब होने और मेन्स परीक्षा की समय-सारिणी जैसे मुद्दों पर भी सवाल उठाए गए हैं.
युवा आजसू ने राज्यपाल से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा पीटी परीक्षा से जुड़े सभी संदेह दूर होने तक मेन्स परीक्षा स्थगित रखने की मांग की है. संगठन का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए पारदर्शी और निष्पक्ष कार्रवाई आवश्यक है.
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