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Ranchi News : आखिर कितनी सुरक्षित हैं राजधानी के कॉलेजों में पढ़ने वाली छात्राएं?

  • बढ़ती छेड़खानी की घटनाओं के बीच सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवाल

Ranchi : राजधानी रांची के कॉलेजों में पढ़ने वाली छात्राओं की सुरक्षा को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं. एक ओर प्रशासन बेहतर सुरक्षा व्यवस्था का दावा करता है, वहीं दूसरी ओर कॉलेज परिसर और उसके बाहर छात्राओं के साथ छेड़खानी और अभद्र व्यवहार की घटनाएं लगातार सामने आ रही है. हाल में डोरंडा कॉलेज की एक छात्रा के साथ छेड़खानी का मामला सामने आने के बाद यह मुद्दा फिर चर्चा में है.

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राजधानी के सेंट जेवियर्स कॉलेज, मारवाड़ी कॉलेज, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय, गोस्सनर कॉलेज, निर्मला कॉलेज और डोरंडा कॉलेज जैसे संस्थानों के आसपास समय-समय पर इस तरह की घटनाएं सामने आती रही हैं. इससे छात्राओं और अभिभावकों की चिंता बढ़ती जा रही है.

 

अधिकांश कॉलेजों में कैंपस, क्लासरूम और गलियारों में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, लेकिन मुख्य गेट और बाहर के इलाकों में निगरानी की कमी महसूस की जा रही है. कई बार बाहरी लोगों और असामाजिक तत्वों की मौजूदगी के कारण छात्राओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है.

 

कुछ कॉलेजों के बाहर महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती जरूर की गई है, लेकिन कई संस्थानों में यह व्यवस्था अब भी नहीं है. ऐसे में छात्राओं की मांग है कि कॉलेज के मुख्य गेट पर भी कैमरों से निगरानी हो और बाहर महिला पुलिसकर्मियों की नियमित तैनाती की जाए.

 

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नियमों के तहत कई कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में इस समिति का गठन अनिवार्य किया गया है. यह समिति छात्रों की शिकायत सुनने, छेड़छाड़ या यौन उत्पीड़न के मामलों की जांच करने, लैंगिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने और जरूरत पड़ने पर छात्रों की काउंसलिंग कर उन्हें सहयोग देने का काम करती है.

 

छात्राओं का कहना है कि सुरक्षित माहौल मिलने पर ही वे बिना डर और चिंता के पढ़ाई कर पाएंगी. लगातार सामने आ रही घटनाओं के बीच अब सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग तेज हो गई है.

 

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