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Ranchi News : नेपाल में 26 सितम्बर को मनाया जाएगा करम पर्व

Ranchi News :करम पूजा में तीन डाली रखी जाती हैं. इनमें पहली डाली में एक खोर, दूसरी में तीन खोर और तीसरी में पांच खोर होती है. यहां करम पर्व के दौरान डीजे का उपयोग नहीं किया जाता. लोग पारंपरिक तरीके से पूजा और सांस्कृतिक कार्यक्रम करते हैं.
 
शिबु उरांव नेपाल

Ranchi News : झारखंड राज्य की सीमाओं से बाहर भी करम पर्व की परंपरा और सांस्कृतिक आस्था कायम है. नेपाल के सुनसरी जिले में इस वर्ष 26 सितंबर को करम पर्व मनाया जाएगा. यहां करम पूजा की परंपरा झारखंड से अलग है. नेपाल में करम पूजा कराने के लिए पाहन की जगह समाज के जानकार लोग पूजा की विधि पूरी कराते हैं. नेपाल से पहुंचे परमेश्वर उरांव ने बताया कि वहां करम की अलग परंपराएं हैं. 

 

 

करम पूजा में तीन डाली रखी जाती हैं. इनमें पहली डाली में एक खोर, दूसरी में तीन खोर और तीसरी में पांच खोर होती है. यहां करम पर्व के दौरान डीजे का उपयोग नहीं किया जाता. लोग पारंपरिक तरीके से पूजा और सांस्कृतिक कार्यक्रम करते हैं. उन्होंने बताया कि उनके पूर्वज नेपाल में बसने के बाद से खेती-बाड़ी करते हुए करम की परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं.

 

ओडिशा से हर साल परिवार के साथ पहुंचते हैं अशोक कुजूर


ओडिशा से अशोक कुजूर हर साल परिवार के साथ करम पर्व मनाने झारखंड पहुंचते हैं. उन्होंने बताया कि ओडिशा में गणेश चतुर्थी से ही करम पूर्व संध्या की तैयारियां शुरू हो जाती हैं. वहां भी 22 सितंबर को करम पर्व मनाया जाएगा. झारखंड की तरह ओडिशा में भी नौ दिनों तक पूजा-अर्चना और जावा उठाने की परंपरा है.

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अशोक कुजूर

 

नेपाल से आए शिबु उरांव ने बताया कि वह करम पर्व की परंपराओं को सीखने के लिए झारखंड आए हैं. इन्होंने बताया कि 2021 की जनगणना में नेपाल  करीब 47000 हजार उरांव आदिवासी समाज रहते हैं.यहां की प्रकृति और करम से जुड़ी परंपराओं को नेपाल में ले जाकर करम उत्सव मनाना है.


दो दिन तक होती है पूजा, रातभर चलते हैं गीत


नेपाल से पहुंचे शिबु उरांव ने बताया कि करम पर्व के दौरान लड़कियां उपवास रखती हैं. खिरी सुनाने की परंपरा है और रातभर गीत-गोविंद के माध्यम से उत्सव मनाया जाता है.करम पूजा दो दिनों तक चलती है. उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को अपने पूर्वजों की बातों, संस्कारों और संस्कृति को नहीं भूलना चाहिए.परंपराओं को आगे बढ़ाने से ही समाज की सांस्कृतिक पहचान बनी रहेगी.

 

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परमेश्वर उरांव

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