Ranchi : बहुबाजार स्थित एचपीडीसी सभागार हॉल में शुक्रवार को महिला जागृति समिति का रजत जंयती समारोह का आयोजन हुआ. नाबार्ड की महाप्रबंधक ने कार्यक्रम की शुरूआत की. इस दौरान झारखंड राज्य सहकारी समिति के सरकारी अधिकारी आशीष आनंद, एक्सिस बैंक और इंडियन बैंक के प्रतिनिधि, सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (SECI) के प्रोजेक्ट मैनेजर सेमिना एग्रो के निदेशक नीरज सिन्हा और रोहित कुमार और पद्म चामु मुर्मु जनजागरण केंद्र के सचिव संजय कुमार के प्रतिनिधी शामिल रहे.
इस मौके पर महिला जागृति समिति के निदेशक ने कहा कि महिला जागृति समिति की स्थापना 2001 में हुई थी. गैर-सरकारी संगठन (NGO) 2026 में पहुंच चुका और 25 वर्ष पूरा हो गया. सिल्वर जुबली वर्ष मना रहा है. जो महिला सशक्तिकरण, व्यावसायिक प्रशिक्षण और ग्रामीण विकास में इनकी निरंतर सफलता को दर्शाता है. उन्होंने संगठन के दृष्टिकोण, उद्देश्य, लक्ष्यों और रणनीतिक योजनाओं पर प्रकाश डाला.
नाबार्ड और झारखंड जनजातीय विकास समिति के साथ संबंधों पर चर्चा किए. उन्होंने कहा कि नाबार्ड पिछले 25 वर्षों से महिला जागृति समिति को तकनीकी और वित्तीय सहायता प्रदान कर रहा है. झारखंड जनजातीय विकास समिति पिछले 20 वर्षों से विभिन्न ग्रामीण और जनजातीय विकास कार्यों के लिए तकनीकी और वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है. ये दोनों सहयोगी महिला जागृति समिति के लिए अत्यंत मूल्यवान हैं, जिनकी मदद से संगठन 3 राज्यों में अपनी गतिविधियों का विस्तार किया है.
मुख्य अतिथि नाबार्ड के महाप्रबंधक ने कहा कि महिला जागृति समिति का संगठन पिछले 25 वर्षों से लगातार नाबार्ड के साथ मिलकर काम कर रहा है. नाबार्ड और एनजीओ और किसान संगठनों को सहायता प्रदान करता है जो सीधे किसानों के साथ मिलकर काम करते हैं. नाबार्ड हमेशा उन जमीनी स्तर के एनजीओ को प्राथमिकता देता है जिनका किसानों, महिलाओं और जनजातीय लोगों के साथ सीधा संबंध होता है.
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