Ranchi : रांची के ऑड्रे हाउस में विश्व थैलेसीमिया दिवस की पूर्व संध्या पर गुरुवार को झारखंड राज्यस्तरीय थैलेसीमिया कॉन्फ्रेंस-2026 का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का आयोजन "लहू बोलेगा" रक्तदान संगठन रांची और झारखंड थैलेसीमिया पीड़ित एसोसिएशन के नेतृत्व में किया गया. कार्यक्रम का थीम "थैंक यू अंकल" रखा गया था.
कॉन्फ्रेंस तीन सत्रों में आयोजित हुई. पहले सत्र में झारखंड में थैलेसीमिया और सिकल सेल एनीमिया की स्थिति पर चर्चा की गई. दूसरे सत्र में पीड़ित बच्चों और युवाओं ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया. इसमें पेंटिंग, नाटक और शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए सम्मान समारोह आयोजित किया गया. अंतिम सत्र में झारखंड और बंगाल के कलाकारों ने मोटिवेशनल और उम्मीद से जुड़े गीतों की प्रस्तुति दी.
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मंत्री हफीजुल हसन थे. विशिष्ट अतिथि के रूप में कांके विधायक सुरेश बैठा, सदर अस्पताल रांची के उपाधीक्षक और सरकारी डॉक्टरों के राज्याध्यक्ष बिमलेश सिंह और सीआरसी रांची के निदेशक सूर्यकांत प्रसाद मौजूद रहे. कार्यक्रम की अध्यक्षता नदीम खान ने की. संचालन सुजाता कुमारी और संजय टोप्पो ने किया. साक्षी सिंह और सीमा देवी ने विषय प्रवेश कराया जबकि धन्यवाद ज्ञापन पंडित अजित मिश्रा ने किया.
इस दौरान झारखंड राज्यस्तरीय थैलेसीमिया पीड़ित एसोसिएशन की 39 सदस्यीय टीम का पुनर्गठन किया गया. कार्यक्रम में 9 सूत्री प्रस्ताव भी पारित किया गया. कॉन्फ्रेंस में थैलेसीमिया और सिकल सेल एनीमिया से पीड़ित छात्रों को सम्मानित किया गया. मैट्रिक प्रथम श्रेणी से पास करने वाले और नीट परीक्षा देने वाले पांच छात्रों को पुरस्कार दिया गया. वहीं, नाटक और पेंटिंग प्रतियोगिता में शामिल प्रतिभागियों को भी सम्मानित किया गया.
कार्यक्रम में थैलेसीमिया और सिकल सेल एनीमिया से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा हुई. इसमें जनजागरूकता, रोकथाम, सरकारी योजनाएं, छात्रवृत्ति, एचएलए टेस्ट, मुफ्त दवा, बोन मैरो ट्रांसप्लांट, एचपीएलसी टेस्ट, थैलेसीमिया कार्ड, यूडीआईडी कार्ड, पेंशन और रेलवे पास जैसे विषय शामिल रहे.
मंत्री हफीजुल हसन ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि झारखंड सरकार इस गंभीर बीमारी को लेकर संवेदनशील है. उन्होंने कहा कि थैलेसीमिया पीड़ितों की समस्याओं और मांगों पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से चर्चा कर समाधान निकालने की कोशिश की जाएगी. विधायक सुरेश बैठा ने कहा कि वह पहले भी विधानसभा में इस मुद्दे को उठा चुके हैं और आगे भी सरकार से बातचीत कर समस्याओं के समाधान का प्रयास करेंगे.
बिमलेश सिंह ने विश्व थैलेसीमिया दिवस की पृष्ठभूमि, वर्तमान स्थिति और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी. उन्होंने पीड़ितों और उनके परिजनों के सवालों के जवाब भी दिए. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में थैलेसीमिया पीड़ित, उनके परिजन, रक्तदाता, सामाजिक कार्यकर्ता और संगीतकार मौजूद रहे.
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