Ranchi News : ऐतिहासिक 40 पड़हा मुड़मा जतरा आगामी 27 एवं 28 अक्टूबर को आयोजित होगा. जतरा को भव्य, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से मांडर में प्रशासनिक बैठक आयोजित की गई. बैठक में झारखंड सरकार की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की और पूर्व मंत्री बंधु तिर्की शामिल हुए.
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इस दौरान लोगों की सुविधा, सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर विस्तार से चर्चा की गई. इस मौके पर मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि ऐतिहासिक मुड़मा जतरा आदिवासी संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता का प्रतीक है.
यह केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक व्यवस्था और सामुदायिक एकजुटता का जीवंत उदाहरण है. उरांव और मुंडा समुदाय के ऐतिहासिक सामाजिक-सांस्कृतिक मिलन स्थल के रूप में इसकी विशिष्ट पहचान है.
उन्होंने कहा कि राजकीय जतरा का दर्जा प्राप्त इस आयोजन में देशभर से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं. ऐसे में लोगों की सुविधा और सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है. प्रशासन, जतरा समिति और स्थानीय लोगों के आपसी समन्वय से सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित की जाएंगी, ताकि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े.
मंत्री ने बताया कि तैयारियों की समीक्षा के लिए आगामी दिनों में जिला स्तरीय पदाधिकारियों के साथ भी बैठक की जाएगी. उन्होंने कहा कि जतरा की ऐतिहासिक पहचान और गरिमा को और मजबूत करना तथा इसकी पारंपरिक विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना सभी की साझा जिम्मेदारी है.
बैठक में अंचलाधिकारी चंचला कुमारी, खलारी के डीएसपी, चान्हो बीडीओ, अन्य प्रशासनिक पदाधिकारी, जतरा समिति के अध्यक्ष, पड़हा प्रतिनिधि और सभी 40 पड़हा से आए ग्रामीण उपस्थित थे.
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