Ranchi News : कर्बला चौक स्थित आजाद बस्ती इलाके में नगर निगम की टीम शनिवार को बुलडोजर लेकर बूचड़खाना तोड़ने पहुंची. बूचड़खाने पर कार्रवाई की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए और विरोध शुरू कर दिया.
इसे भी पढ़ें...
लोगों के विरोध को देखते हुए नगर निगम की टीम को वापस लौटना पड़ा. जैसे ही नगर निगम की टीम कसाई मुहल्ला पहुंची, देखते ही देखते लोग सड़क पर उतरकर विरोध करने लगे.

निगम की कार्रवाई का लोगों ने किया विरोध
कार्रवाई के विरोध में वार्ड-17 की पार्षद फातिमा और वार्ड 16 के पार्षद सलाउद्दीन समेत अन्य लोग धरने पर बैठ गए. धरना पर बैठे लोगों ने कहा कि नगर निगम की कार्रवाई से पहले कम से कम एक महीने का समय देने की मांग की. जब तक लोगों को स्थायी स्थान नहीं मिल जाता तबतक दुकान नहीं तोड़े.
मुहल्ले के लोगों ने कहा कि यह परिसर करीब 90 साल पुराना है. वर्ष 1972 में यहां सौंदर्यीकरण का काम कराया गया था. उस समय करीब 54 दुकानदारों को लाइसेंस दिए गए थे. लगभग 18-19 डिसमिल जमीन पर लंबे समय से बूचड़खाना संचालित होता है. इससे सैकड़ों लोगों की रोजी-रोटी जुड़ी हुई है. इसी से घर परिवार का पालन पोषण होता है.
दुकानदारों ने बताया कि नगर निगम के कर्मियों ने कार्रवाई से एक दिन पहले शाम करीब 5-6 बजे नोटिस चस्पा किया था. इसके अगले ही दिन निगम की टीम बुलडोजर लेकर पहुंच गई. अचानक हुई कार्रवाई का विरोध करते हुए दुकानदारों ने कहा कि उन्हें अपनी दुकानें खाली करने और वैकल्पिक व्यवस्था किया जाए.
पार्षदों ने कहा- सूचना दिए बिना पहुंची निगम की टीम
धरने पर बैठे पार्षदों ने आरोप लगाया कि वार्ड पार्षदों को कार्रवाई की जानकारी दिए बिना नगर निगम की टीम बुलडोजर लेकर पहुंच गई. पार्षदों ने मांग कि जिन लोगों के नाम से दुकानें आवंटित हैं, उन्हीं के नाम पर दुकानों का आवंटन किया जाए.
दुकानदार बोले- दुकानें बंद हुईं तो परिवार चलाना मुश्किल
दुकानदारों ने कहा कि पिछले करीब एक साल से दुकानें बंद हैं. ऐसे में परिवार का खर्च, बच्चों की ट्यूशन फीस और बीमारी के इलाज का खर्च जुटाना मुश्किल हो रहा है. धरना पर बैठे लोगों ने कहा कि लंबे समय से इन दुकानों पर वर्षों तक कोई कार्रवाई नहीं हुई, लेकिन अब अचानक नगर निगम की टीम तोड़फोड़ के लिए पहुंच गई.
धरने में शामिल हाफिजा खातून ने बताया कि उन्हें पिछले सात महीने से विधवा पेंशन भी नहीं मिली है. ऐसे हालात में दुकान और रोजगार का सहारा भी छिन गया तो परिवार के सामने आर्थिक संकट और बढ़ गया.
धरना प्रदर्शन में बैठे लोगों ने नगर निगम से मांग की कि पहले प्रभावित दुकानदारों की समस्याओं पर बातचीत की जाए. धरने में आमिया के अध्यक्ष एस. अली, पूर्व पार्षद गुलाम सरवर रिजवी और वार्ड 15 की पार्षद गजाला प्रवीण समेत कई लोग शामिल हुए.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.

