Ranchi News: नगर निगम क्षेत्र के 2 डैम, 73 तालाब व 60 कृत्रिम जलाशयों में छठ व्रति अर्घ्य देंगे. दिवाली व काली पूजा 8 नवम्बर को मनाई जाएगी. वही छठपर्व 13 नवम्बर से शुरू होगी. जिसमें 14 नवम्बर को खरना है, वहीं, 15 नवम्बर को संध्या अर्घ्य दी जाएगी, जबकि 16 नम्वबर को उगते हुए सूर्य को अर्घ्य दी जाएगी.
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इससे पहले ही जिला प्रशासन ने सभी छठ घाटों की साफ सफाई करने का निर्देश दिए है. छठ घाटों को चार जोन में बांटकर साफ सफाई की जा रही है. इसके लिए सुपरवाईजरों की नियुक्ति कर दी गई है. नगर निगम द्वारा डैमों से जलकुंभी हटाने की प्रक्रिया जारी है. छठ घाटों तक पहुंचने के लिए सभी मुख्य सड़क व एप्रोच मार्गों को भी साफ सफाई की जा रही है. सबसे बड़ा कृत्रिम जलाशय आनंद नगर में बनाए जायेगें,जहां एक साथ एक सौ लोग सामूहिक रूप से अर्घ्य दे सकेंगे.
हटिया व कांके डैम में बांस से होगी बैरिकैडिंग
छठ महापर्व में तालाबों, नदियों, जलाशयों का विशेष महत्व होता है. इस वजह से छठ घाटों में विशेष साफ सफाई अभियान चलाया जा रहा है. छठ वृत्रियों के गहरे तालाब में जाने से रोकने के लिए कांके और हटिया डैमों में बांस बली लगाये जायेगें,ताकि श्रद्धालु को गहरे पानी में जाने से रोका जा सके.
सभी तालाबों में जलकुंड भी बनाए जायेगें. जहां पूजा सामग्री को अर्पित किए जायेंगे. वही तालाबा में रेड रिबन, गुब्बारे, बांस से बैरिकेडिंग, फ्लैक्स लगाए जायेगें, ताकि श्रद्धालुओं को गहरे में जाने से रोका जा सकता है.
तीन वार्डों में सबसे अधिक कृत्रिम जलाशय
नगर निगम के कर्मी ने बताया कि पानी की तीन वार्डों में सबसे अधिक कृत्रिम जलाशय बनाए जाते है. जिसमें वार्ड संख्या-26, 27 व 28 शामिल है. सबसे बड़ा कृत्रिम जलाशल आनंद नगर में बनाये जायेंगे. जहां एक साथ में करीब सौ छठव्रति अर्घ्य दे सकेंगे.
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