Ranchi/Chatra News : स्वास्थ्य उपकेंद्र का टेंडर मैनेज करने की शिकायत के बाद इंजीनियर ने बैक डेट से वर्क ऑर्डर जारी किया. लेकिन वर्क ऑर्डर पर डिजिटल हस्ताक्षर की तिथि से यह जालसाजी पकड़ी गयी. (पढ़ें...केंद्र सरकार की समीक्षा में नहीं मिला संताल परगना के 6 जिलों में एक भी आदर्श ग्राम पंचायत)

वर्क ऑर्डर से जुड़ा दस्तावेज
उल्लेखनीय है कि चतरा जिले के टंडवा प्रखंड के नवाडीह पंचायत में स्वास्थ्य उपकेंद्र के टेंडर में गड़बड़ी हुई थी. इस सिलसिले में ग्रामीण विकास विभाग सहित जिले के उपायुक्त से शिकायत की गयी थी. इसमें यह कहा गया था कि स्वास्थ्य उपकेंद्र के निर्माण के लिए 15 दिसंबर 2025 को टेंडर निकाला गया था. इसमें अनुज कंस्ट्रक्शन, नागेंद्र कुमार साहू और सुमन कुमारी ने हिस्सा लिया था.
26 दिसंबर को टेंडर का टेक्निकल बिड खोला गया. आठ जनवरी 2026 को टेक्निकल बिड के मूल्यांकन के बाद अनुज कंस्ट्रक्शन को अयोग्य घोषित कर दिया गया. इसके बाद टेंडर मैनेज करने की प्रक्रिया शुरू हुई. इस क्रम में टेक्निकल बिड खुलने के पांच महीने बाद फाइनेंशियल बिड खोला गया. फाइनेंशियल बिड का मूल्यांकन 10 जून 2026 को किया गया और नागेंद्र साहू को एल-वन घोषित किया गया.
लेकिन नागेंद्र साहू ने एल-वन घोषित होने से पहले ही स्वास्थ्य उपकेंद्र बनाने का काम शुरू कर दिया. इस पर ग्रामीणों ने आपत्ति की. क्योंकि जिस जमीन पर स्वास्थ्य उपकेंद्र बनाने का काम किया जा रहा था, वह 1956 से किसी और की थी. जमीन का लगान रसीद भी कट रहा था.
टेंडर मैनेज करने की शिकायत के बाद इंजीनियर ने बैक डेट से नागेंद्र साहू को वर्क ऑर्डर जारी कर दिया. वर्क ऑर्डर पर हस्ताक्षर करने के बाद 18 अप्रैल 2026 का डेट डाला. लेकिन इस पर डिजिटल हस्ताक्षर की तिथि 15 अक्टूबर 2026 दर्ज हो गई. इससे बैक डेट पर वर्क ऑर्डर जारी करने का मामला पकड़ में आया.

