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Ranchi News : आदिवासी लोकतांत्रिक अधिकार मोर्चा की नई राज्यस्तरीय कार्यकारिणी गठित

Ranchi News : बैठक में प्रस्तावित परिसीमन को आदिवासी समाज के राजनीतिक प्रतिनिधित्व और संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा अहम मुद्दा बताया गया. मोर्चा ने कहा कि परिसीमन के संभावित असर को लेकर लोगों के बीच जागरूकता अभियान चलाया जाएगा. पांचवीं अनुसूची क्षेत्रों की संवैधानिक व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए आदिवासी राजनीतिक प्रतिनिधित्व की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन को आगे बढ़ाने का फैसला लिया गया.
 
बंदु तिर्की ने की बैठक
  • लक्ष्मीनारायण मुंडा और शशि पन्ना बने मुख्य प्रवक्ता

Ranchi News : आदिवासी समाज के संवैधानिक और लोकतांत्रिक अधिकारों की आवाज को मजबूत करने के लिए आदिवासी लोकतांत्रिक अधिकार मोर्चा की राज्यस्तरीय कार्यकारिणी का गठन किया गया. शनिवार को बंधु तिर्की की अध्यक्षता में हुई बैठक में संगठन के विस्तार किया गया. जिसमें शशि पन्ना और लक्ष्मीनारायण मुंडा को मोर्चा का मुख्य प्रवक्ता बनाया गया.

 

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बैठक में प्रस्तावित परिसीमन को आदिवासी समाज के राजनीतिक प्रतिनिधित्व और संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा अहम मुद्दा बताया गया. मोर्चा ने कहा कि परिसीमन के संभावित असर को लेकर लोगों के बीच जागरूकता अभियान चलाया जाएगा. पांचवीं अनुसूची क्षेत्रों की संवैधानिक व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए आदिवासी राजनीतिक प्रतिनिधित्व की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन को आगे बढ़ाने का फैसला लिया गया.

 

सभी जिलों और प्रखंडों तक संगठन मजबूत करने की तैयारी

मोर्चा अब राज्य के सभी जिलों और प्रखंडों तक संगठन का विस्तार करेगा. इसके लिए जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा. इसमें परिसीमन, पांचवीं अनुसूची, आदिवासी राजनीतिक प्रतिनिधित्व, जल-जंगल-जमीन, भाषा, संस्कृति और दूसरे संवैधानिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा.

 

राज्यस्तरीय कार्यकारिणी में रांची से दयामनी बारला, रमा खलखो, लक्ष्मीनारायण मुंडा, अजय तिर्की, शशि पन्ना, ज्योत्सना केरकेट्टा, वासवी किड़ो, आलोक कुजूर, नीरज भोगता, अनिल अमिताभ पन्ना, शिव कच्छप और अनिल उरांव समेत विभिन्न जिलों के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है.


दशहरा के बाद जिलों में होंगी बैठकें

मोर्चा की ओर से बताया गया कि दशहरा के बाद राज्य के सभी जिलों में जिलावार बैठकें की जाएंगी. इन बैठकों में गांव और प्रखंड स्तर तक संगठन को मजबूत करने की योजना बनाई जाएगी. साथ ही परिसीमन और आदिवासी समाज से जुड़े दूसरे मुद्दों पर जनजागरूकता अभियान की रूपरेखा तय होगी.

 

बैठक में आगामी लोकतांत्रिक आंदोलनों और कार्यक्रमों को लेकर भी रणनीति तैयार करने का फैसला लिया गया. मोर्चा ने कहा कि आदिवासी समाज की एकता, संवैधानिक अधिकारों, राजनीतिक प्रतिनिधित्व, भाषा, संस्कृति और पहचान से जुड़े मुद्दों को लेकर लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से संघर्ष जारी रखा जाएगा.

 

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