Ranchi News : हातु बाई ठाव का बोर्ड और सरना झंडा उखाड़े जाने को लेकर आदिवासी समाज के लोगों में आक्रोश है. इसके विरोध में मंगलवार को सैकड़ों की संख्या में आदिवासी महिला-पुरुष झारखंड राज्य आवास बोर्ड के मुख्यालय पहुंचे और कार्यालय का घेराव किया.
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि हातु बाई ठाव आदिवासी समाज का धार्मिक स्थल है. आरोप लगाया कि बिना किसी पूर्व सूचना के बोर्ड और सरना झंडे को हटाकर आवास बोर्ड कार्यालय परिसर में रख दिया गया. प्रदर्शनकारियों के विरोध को देखते हुए बोर्ड प्रबंधन ने उखाड़े गए बोर्ड और सरना झंडे को वापस कर दिया. इसके बाद समाज के लोगों ने शांतिपूर्वक और विधि-विधान के साथ दोनों को दोबारा स्थापित किया.
समाज के लोगों का कहना है कि मोहल्ले में वर्षों से आदिवासी परंपरा के अनुसार पूजा-पाठ और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होते आ रहे हैं. उन्होंने कहा कि हरमू हाउसिंग बोर्ड के लिए आदिवासी समाज ने जमीन दी है, इसके बावजूद उनकी धार्मिक स्थल को सुरक्षित नहीं रखा जा रहा है.
उनका कहना है कि यह आदिवासी समाज की आस्था का सार्वजनिक स्थान है, जहां लोग पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना करते हैं. आदिवासी समाज में मृत लोगों की आत्मा की शांति के लिए भी सार्वजनिक धार्मिक स्थलों पर पारंपरिक रीति-रिवाज निभाए जाते हैं. ऐसे धार्मिक स्थल से जुड़े बोर्ड और सरना झंडे को बिना सूचना हटाना समाज की भावनाओं और परंपराओं के साथ हस्तक्षेप है.
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