Ranchi: रांची के नगड़ा टोली स्थित वर्किंग विमेंस हॉस्टल में रहने वाली करीब 200 कामकाजी महिलाओं और छात्राओं को मरम्मत कार्य के लिए तीन दिन के भीतर हॉस्टल खाली करने का नोटिस दिया गया है. नोटिस मिलने के बाद महिलाएं भड़क गई. महिलाओं ने हॉस्टल खाली कराने के फैसले का विरोध किया.
महिलाओं ने कहा कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए उन्हें हॉस्टल छोड़ने के लिए नोटिस देना उचित नहीं है. महिलाओं के अनुसार, जिला समाज कल्याण विभाग की ओर से परिसर में नोटिस लगाया गया है, जिसमें तय अवधि के भीतर हॉस्टल खाली करने को कहा गया है. महिलाओं का दावा है कि ऐसा नहीं करने पर प्रशासनिक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है.
विरोध कर रहीं महिलाओं ने आरोप लगाया कि हॉस्टल को नए स्वरूप में संचालित करने की तैयारी की जा रही है और इसका नाम बदलकर ‘सखी निवास’ रखने की योजना है. उनका कहना है कि प्रस्तावित व्यवस्था के तहत किराए को आय से जोड़ने की बात सामने आई है, जिसका वे विरोध कर रही हैं.
यहां रहने वाली कई महिलाओं ने बताया कि वे निजी संस्थानों, नर्सिंग और अन्य छोटे रोजगारों से सीमित आय अर्जित करती हैं. उनका कहना है कि रांची जैसे शहर में अचानक दूसरी जगह आवास तलाशना कठिन है. महिलाओं ने मांग की कि सरकार पहले उनके लिए वैकल्पिक आवास की व्यवस्था करे या फिर उनके वहीं रहने के दौरान चरणबद्ध तरीके से मरम्मत का कार्य कराया जाए.
महिलाओं ने यह भी दावा किया कि उन्होंने अपनी समस्या को लेकर संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से मुलाकात की है। कुछ राजनीतिक नेताओं ने उन्हें समर्थन का आश्वासन दिया है. हॉस्टल खाली करने की समय-सीमा समाप्त होने से पहले महिलाओं ने कहा है कि वे अपने आवास और आजीविका के मुद्दे पर संघर्ष जारी रखेंगी और आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन का रास्ता अपनाएंगी.
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