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Ranchi News :  ऑनलाइन रजिस्टर-2 से छेड़छाड़,कांके सीओ ने दर्ज कराई FIR

राजधानी रांची में ऑनलाइन भूमि अभिलेखों (रिकॉर्ड) से कथित छेड़छाड़ कर अवैध तरीके से जमाबंदी करने का मामला सामने आया है. कांके अंचल अधिकारी (सीओ) अमित भगत ने सुकुरहुटू और गारू मौजा की जमीन से जुड़े मामले में साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है और पूरे प्रकरण की तकनीकी और आपराधिक जांच की मांग की है.
 

Ranchi :  राजधानी रांची में ऑनलाइन भूमि अभिलेखों (रिकॉर्ड) से कथित छेड़छाड़ कर अवैध तरीके से जमाबंदी करने का मामला सामने आया है. कांके अंचल अधिकारी (सीओ) अमित भगत ने सुकुरहुटू और गारू मौजा की जमीन से जुड़े मामले में साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है और पूरे प्रकरण की तकनीकी और आपराधिक जांच की मांग की है.

 

 

एफआईआर के अनुसार, ऑनलाइन रजिस्टर-2 (पंजी-2) में कथित रूप से छेड़छाड़ कर कई भूखंडों की अवैध जमाबंदी दर्ज कर दी गई. सुकुरहुटू मौजा के खाता संख्या-41 से जुड़े विभिन्न प्लॉटों के अलावा गारू मौजा के खाता संख्या-56 की करीब 1.28 एकड़ जमीन का रिकॉर्ड भी ऑनलाइन बदलने का आरोप लगाया गया है.

 

सीओ अमित भगत ने शिकायत में बताया है कि गारू मौजा से संबंधित नामांतरण वाद संख्या 10651 एवं 10652 (वर्ष 2025-26) में कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दाखिल-खारिज कराया गया. प्रारंभिक जांच में ऑनलाइन रिकॉर्ड और मूल अभिलेखों के बीच गंभीर अंतर सामने आया, जिससे डिजिटल स्तर पर रिकॉर्ड से छेड़छाड़ की आशंका और गहरा गई.

 

एफआईआर में झारभूमि पोर्टल से जुड़े वर्तमान और पूर्व सॉफ्टवेयर डेवलपरों, तकनीकी कर्मियों तथा संबंधित अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की मांग की गई है. शिकायत में कहा गया है कि तकनीकी मिलीभगत के बिना ऑनलाइन रजिस्टर-2 में इस प्रकार का बदलाव संभव नहीं लगता, इसलिए पूरे मामले की फोरेंसिक और तकनीकी जांच आवश्यक है.

 

सीओ के अनुसार, यह गड़बड़ी दाखिल-खारिज की नियमित प्रक्रिया के दौरान सामने आई. दस्तावेजों के मिलान में ऑनलाइन रिकॉर्ड और वास्तविक अभिलेखों में अंतर मिलने के बाद विस्तृत जांच शुरू की गई. जांच में प्रथम दृष्टया कई गंभीर अनियमितताएं सामने आने पर साइबर थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई.

 

शिकायत में कुछ भू-माफियाओं पर फर्जी वंशावली और जाली दस्तावेजों के जरिए सरकारी एवं निजी जमीनों पर कब्जा करने की साजिश का भी आरोप लगाया गया है. साथ ही आशंका जताई गई है कि कुछ मामलों में तकनीकी स्तर पर मिलीभगत कर ऑनलाइन रिकॉर्ड में बदलाव किया गया.

 

सीओ अमित भगत ने आशंका जताई है कि यदि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और व्यापक जांच कराई जाती है, तो रांची के अन्य अंचलों के साथ-साथ झारखंड के कई जिलों में भी ऑनलाइन रजिस्टर-2 से छेड़छाड़ और अवैध जमाबंदी के इसी तरह के मामले उजागर हो सकते हैं. फिलहाल साइबर थाना पुलिस प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच में जुट गई है.

 

 

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