Ranchi : छोटानागपुर विधि कॉलेज, रांची के विधि स्नातक ऑनलाइन नामांकन प्रपत्र में धर्म संबंधी विकल्पों को लेकर उठे विवाद के बाद कॉलेज प्रशासन ने महत्वपूर्ण बदलाव किया है.
पहले ऑनलाइन फॉर्म में केवल हिन्दू, मुस्लिम, ईसाई, सिख, बौद्ध और जैन धर्म के विकल्प दिए गए थे, जबकि “अन्य” का विकल्प उपलब्ध नहीं था. इससे सरना आदिवासी समुदाय सहित अन्य समुदायों के विद्यार्थियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था.

ऑनलाइन माध्यम से ही नामांकन प्रक्रिया होने के कारण कई छात्रों को मजबूरी में गलत धर्म विकल्प चुनना पड़ रहा था. इस मुद्दे को गंभीरता से उठाते हुए अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद की प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व शिक्षा मंत्री गीताश्री उरांव, भारतीय राष्ट्रीय छात्र संघ (NSUI) झारखंड प्रदेश अध्यक्ष बिनय उरांव और रांची विश्वविद्यालय अध्यक्ष अधिवक्ता कैफ अली ने छोटानागपुर विधि महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डॉ. पंकज कुमार चतुर्वेदी से मुलाकात की.
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि झारखंड की आदिवासी संस्कृति, सरना धर्म और अन्य समुदायों की धार्मिक पहचान का सम्मान होना चाहिए. किसी भी शैक्षणिक संस्थान के नामांकन फॉर्म में सभी समुदायों के लिए समान और सम्मानजनक विकल्प उपलब्ध कराना आवश्यक है.
मामले को गंभीरता से लेते हुए प्राचार्य प्रो. डॉ. पंकज कुमार चतुर्वेदी ने तुरंत ऑनलाइन नामांकन फॉर्म का निरीक्षण किया और धर्म संबंधी कॉलम में “अन्य” विकल्प जोड़ने का निर्देश दिया. इसके बाद ऑनलाइन फॉर्म में आवश्यक सुधार कर दिया गया.
प्रतिनिधिमंडल ने प्राचार्य के त्वरित और सकारात्मक निर्णय का स्वागत करते हुए इसे सामाजिक समावेशिता, संवैधानिक समानता और आदिवासी समाज की धार्मिक पहचान के सम्मान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया. साथ ही कहा कि छात्रहित और सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों पर आगे भी आवाज उठाई जाती रहेगी.
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