Ranchi : झारखंड में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) को आधुनिक बनाने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है.श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण व कौशल विकास विभाग के तहत नियोजन व प्रशिक्षण निदेशालय ने आईटीआई के उन्नयन के लिए एंकर इंडस्ट्री पार्टनर (एआईपी) की तलाश शुरू कर दी है.
इस संबंध में 7 जुलाई को विज्ञापन जारी कर इच्छुक औद्योगिक इकाइयों से एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (ईओआई) मांगा गया है.यह पहल केंद्र सरकार की पीएम-सेतु (प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड एम्प्लॉयबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन थ्रू अपग्रेडेड आईटीआई) योजना के तहत की जा रही है.
इस योजना का उद्देश्य आईटीआई को आधुनिक तकनीक, नई मशीनों, डिजिटल सुविधाओं और उद्योगों की जरूरत के अनुसार तैयार करना है, ताकि युवाओं को बेहतर प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर मिल सकें.योजना के तहत हब और स्पोक मॉडल पर काम होगा. हब आईटीआई को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा और ये अपने आसपास के स्पोक आईटीआई को प्रशिक्षण, उद्योगों से संपर्क और प्लेसमेंट में मदद करेंगे.
हर आईटीआई क्लस्टर के लिए एक स्पेशल पर्पज व्हीकल (एसपीवी) बनाया जाएगा. इसमें राज्य सरकार और एंकर इंडस्ट्री पार्टनर दोनों शामिल होंगे. उद्योगों की भूमिका प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार करने, संस्थानों के आधुनिकीकरण, अप्रेंटिसशिप और प्लेसमेंट को मजबूत करने में होगी.
इच्छुक औद्योगिक इकाइयां झारखंड सरकार की वेबसाइट [https://www.jharkhand.gov.in/labour](https://www.jharkhand.gov.in/labour) पर उपलब्ध प्रोजेक्ट
कॉन्सेप्ट नोट देख सकती हैं. सुझाव या भागीदारी की इच्छा 14 जुलाई 2026 तक [directorate.et.jh@gmail.com](mailto:directorate.et.jh@gmail.com) या [dir.et.jharkhand@gmail.com](mailto:dir.et.jharkhand@gmail.com) पर भेजी जा सकती है.
निदेशालय ने बताया कि संभावित एंकर इंडस्ट्री पार्टनरों के साथ चर्चा और सुझाव लेने के लिए 15 जुलाई 2026 को नेपाल हाउस स्थित नियोजन एवं प्रशिक्षण निदेशालय के कक्ष संख्या 308 के सम्मेलन कक्ष में बैठक होगी. इसके बाद आईटीआई क्लस्टरों के उन्नयन के लिए प्रस्ताव आमंत्रण (आरएफपी) जारी किया जाएगा.
देशभर में पीएम-सेतु योजना के तहत 1000 सरकारी आईटीआई को हब और स्पोक मॉडल पर विकसित किया जाएगा. इनमें 200 हब और 800 स्पोक आईटीआई शामिल हैं. योजना की कुल लागत 60 हजार करोड़ रुपये है.
इसमें केंद्र सरकार 30 हजार करोड़ रुपये, राज्य सरकारें 20 हजार करोड़ रुपये और उद्योग जगत 10 हजार करोड़ रुपये का योगदान देंगे. इस योजना के तहत झारखंड को भी कुछ आईटीआई क्लस्टर मिलेंगे, जिनके लिए राज्य में प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.


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