Ranchi News: राजधानी रांची में कुख्यात राहुल दुबे गैंग के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों का संबंध कांके, हजारीबाग के ए.के. इंटरनेशनल होटल, उरीमारी और टंडवा में हुई फायरिंग की घटनाओं से सामने आया है.
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पुलिस की इस कार्रवाई से संगठित अपराध और रंगदारी के लिए दहशत फैलाने वाले गिरोहों के खिलाफ चल रहे अभियान को बड़ी सफलता मिली है. गिरफ्तार आरोपियों के पास से चार पिस्टल, आठ जिंदा कारतूस, पांच मैगजीन, छह मोबाइल फोन, एक कार और एक पल्सर मोटरसाइकिल जब्त की गई है.
गुप्त सूचना से खुला गैंग का नेटवर्क
रांची पुलिस के अनुसार, 30 अक्टूबर 2026 को वरीय पुलिस अधीक्षक को गुप्त सूचना मिली थी कि राहुल दुबे गैंग के कुछ अपराधी एक कार से रिंग रोड इलाके में घूम रहे हैं. आशंका थी कि वे किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की तैयारी में हैं. सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई.
वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर नगर और ग्रामीण पुलिस अधीक्षकों के निर्देशन में हटिया के वरीय पुलिस उपाधीक्षक के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई. टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए कांके रिंग रोड क्षेत्र में संदिग्ध कार की पहचान की और उसमें सवार चार आरोपियों को दबोच लिया.
तलाशी में पिस्टल, गोलियां और मैगजीन बरामद
पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों की तलाशी ली, तो उनके पास से हथियार और अन्य सामान बरामद हुए. शुरुआती पूछताछ में आरोपियों के राहुल दुबे गैंग से जुड़े होने और गिरोह की आपराधिक गतिविधियों में कथित रूप से शामिल रहने की जानकारी सामने आई. पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि बरामद हथियारों का इस्तेमाल किन-किन वारदातों में किया गया और गिरोह के अन्य सदस्यों तक इनकी आपूर्ति कैसे होती थी.
मुठभेड़ में सौरभ के पैर में लगी थी गोली
कांके से गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस को गिरोह के एक अन्य सदस्य के बारे में सुराग मिला. इसके बाद पुलिस टीम ने धुर्वा थाना क्षेत्र के सीठियो इलाके में छापेमारी की. पुलिस के मुताबिक, इसी दौरान एक आरोपी ने पुलिसकर्मियों को निशाना बनाकर फायरिंग कर दी.
जवाब में पुलिस ने आत्मरक्षा में गोली चलाई, जिसमें सौरभ कुमार नामक आरोपी के पैर में गोली लग गई. घायल आरोपी को इलाज के लिए रिम्स, रांची भेजा गया. पुलिस ने उसके पास से भी एक पिस्टल, गोलियां और मोबाइल फोन बरामद करने की बात कही है. इस घटना के बाद इलाके में पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई.
हथियार सप्लायर तक पहुंची जांच, जियाउल हबीब गिरफ्तार
इस पूरे मामले में पुलिस की जांच सिर्फ हथियार लेकर घूम रहे आरोपियों तक सीमित नहीं रही. पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्तों के बयानों और जांच में मिले सुरागों के आधार पर राहुल दुबे गैंग के सदस्यों को हथियार मुहैया कराने के संदेह में जियाउल हबीब को भी गिरफ्तार किया गया.
उसकी निशानदेही पर एक पिस्टल और जिंदा कारतूस बरामद किए गए. पुलिस अब हथियारों की खरीद-बिक्री, सप्लाई नेटवर्क और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है. यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है.
कांके, हजारीबाग, उरीमारी और टंडवा की फायरिंग से जुड़ रहे तार
रांची पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों का संबंध कांके, हजारीबाग स्थित ए.के. इंटरनेशनल होटल, उरीमारी और टंडवा में हुई फायरिंग की घटनाओं से सामने आया है. इन घटनाओं में कथित तौर पर दहशत फैलाने के उद्देश्य से गोलीबारी की गई थी. हालांकि, इन सभी मामलों में प्रत्येक आरोपी की भूमिका और घटनाओं से उसके संबंध की पुष्टि संबंधित अनुसंधान और साक्ष्यों के आधार पर होगी. पुलिस इन वारदातों के बीच आपसी संबंधों की पड़ताल कर रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि गिरोह का नेटवर्क किन-किन इलाकों में सक्रिय था.
आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी आया सामने
पुलिस की प्रेस विज्ञप्ति में कुछ गिरफ्तार आरोपियों के पूर्व आपराधिक मामलों का भी उल्लेख किया गया है. जियाउल हबीब के खिलाफ चुटिया और डोरंडा थानों में पूर्व के मामले दर्ज होने की जानकारी दी गई है. आदित्य कुमार राम उर्फ कुन्दन के खिलाफ धुर्वा थाना क्षेत्र में वर्ष 2026 का एक मामला दर्ज होने का उल्लेख है.
गुड्डू मिश्रा के नाम मांडर, सदर और रामगढ़ थानों में पूर्व के मामले बताए गए हैं. सौरभ कुमार और ऋषभ कुमार के खिलाफ भी धुर्वा थाना क्षेत्र में पूर्व के मामलों का उल्लेख पुलिस ने किया है. इन मामलों का उल्लेख आरोपियों के दोषी सिद्ध होने के समान नहीं है; प्रत्येक मामले की स्थिति संबंधित न्यायिक और पुलिस अभिलेखों से निर्धारित होगी.
धुर्वा थाना में मामला दर्ज, आगे की जांच जारी
पुलिस ने इस कार्रवाई के संबंध में धुर्वा थाना कांड संख्या 285/26, दिनांक 31 अक्टूबर 2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है. पुलिस अब बरामद हथियारों, मोबाइल फोन और वाहनों की जांच के साथ आरोपियों के आपसी संपर्कों तथा अन्य संभावित सहयोगियों के बारे में जानकारी जुटा रही है. मामले में आगे की कार्रवाई अनुसंधान के निष्कर्षों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी.
संगठित अपराध के खिलाफ पुलिस का सख्त संदेश
रांची पुलिस ने स्पष्ट किया है कि संगठित अपराध, अवैध हथियारों के इस्तेमाल और आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी. पुलिस की इस कार्रवाई से राहुल दुबे गैंग के कथित नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है. अब जांच का मुख्य फोकस हथियारों की सप्लाई चेन, फायरिंग की घटनाओं में आरोपियों की भूमिका और गिरोह से जुड़े अन्य संभावित सदस्यों तक पहुंचना है.
कांके रिंग रोड पर संदिग्ध कार से शुरू हुई कार्रवाई सीठियो में मुठभेड़ और कथित हथियार सप्लायर की गिरफ्तारी तक पहुंच गई. अब सबसे अहम सवाल यह है कि क्या जांच के दौरान राहुल दुबे गैंग के अन्य सहयोगियों और हथियारों के पूरे नेटवर्क का भी खुलासा होगा.
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