Ranchi : झारखंड सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. राज्य के सभी 188 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) को चरणबद्ध तरीके से फर्स्ट रेफरल यूनिट (एफआरयू) में विकसित किया जाएगा. इससे ग्रामीण इलाकों में आपातकालीन और विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ेगी.
इस योजना की शुरुआत पहले चरण में 20 चयनित सीएचसी से की जाएगी. इन्हें मॉडल एफआरयू के रूप में विकसित कर आवश्यक संसाधनों और सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा. इसके बाद बाकी स्वास्थ्य केंद्रों का भी क्रमवार उन्नयन किया जाएगा.
इस संबंध में राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रणाली संसाधन केंद्र (एनएचएसआरसी), नई दिल्ली की ओर से एक ऑनलाइन ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम में स्वास्थ्य केंद्रों को भारतीय जन स्वास्थ्य मानक (आईपीएचएस) के अनुरूप तैयार करने पर जोर दिया गया.
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार चयनित केंद्रों में बुनियादी ढांचे, चिकित्सा उपकरणों, दवाओं और मानव संसाधनों को बेहतर बनाया जाएगा. इसके लिए पहले गैप एनालिसिस कर कमियों की पहचान की जाएगी और फिर उन्हें दूर किया जाएगा.
एफआरयू बनने के बाद इन केंद्रों में 24 घंटे आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध होंगी. जटिल प्रसव, सिजेरियन ऑपरेशन, नवजात शिशुओं की विशेष देखभाल और रक्त भंडारण जैसी सुविधाएं भी स्थानीय स्तर पर मिल सकेंगी. इससे मरीजों को छोटी-छोटी जरूरतों के लिए जिला अस्पताल या रिम्स रेफर करने की आवश्यकता कम होगी.स्वास्थ्य विभाग को उम्मीद है कि इस पहल से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में मातृ व शिशु मृत्यु दर में कमी आएगी और लोगों को अपने क्षेत्र में ही बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी.
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