Ranchi : कर्बला चौक स्थित जाफरिया मस्जिद से हजारों शिया समुदाय ने कर्बला की याद में जुलूस-ए-आशूर निकाला. इस दौरान महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. इससे पहले जाफरिया मस्जिद में नमाज ए जुमा अदा की गई. इसके बाद इमाम हुसैन की कुर्बानी की श्रद्धांजलि अर्पित की गई. इस दौरान मौलाना सैयद तहजीबुल हसन रिजवी ने कहा कि इमाम हुसैन की शहादत जुल्म के खिलाफ जीत का प्रतीक है.
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किसी भी हाल में अन्याय और अत्याचार के सामने झुकना नहीं चाहिए. इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों ने अल्लाह पर भरोसा रखते हुए सत्य और न्याय की रक्षा के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी और हमेशा के लिए अमर हो गए. मौलाना रिजवी ने कहा कि इस्लाम में आतंकवाद की कोई जगह नहीं है.
मोहर्रम अमन, भाईचारा, त्याग और वतन से मोहब्बत का पैगाम देता है. देश के प्रति वफादारी भी एक बड़ी इबादत है. हमें संकल्प लेना चाहिए कि देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा के लिए हमेशा रहेंगे और देश के दुश्मनों को कभी सफल नहीं होने देंगे.
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