Ranchi: सोशल मीडिया के इस दौर में वीडियो और फोटो का वायरल होना आम बात है. लेकिन यह खास तब हो जाता है, जब किसी नेता, प्रशासक और पुलिसकर्मी का हो. इसकी वजह इन कुर्सियों पर बैठे लोगों का आम जनता की जिंदगी से जुड़ा होना है. इस बार वायरल एक तस्वीर फिर चर्चा में है. क्योंकि वह एक पुलिस इंस्पेक्टर की है.
वायरल तस्वीर में दो चेहरे हैं. एक चेहरा इंस्पेक्टर महेंद्र कर्माली की है. दूसरी तस्वीर भी एक वर्दीधारी महिला पुलिसकर्मी की है. महेंद्र कर्माली फिलहाल गुमला जिले के सदर थाने में थाना प्रभारी के पद पर पोस्टेड हैं. इस वायरल तस्वीर के चर्चित होने की वजह एक ही फ्रेम में दोनों का अलग-अलग मुद्राओं में होना है.
वायरल तस्वीर में दोनों के साथ-साथ होने की जितनी भी मुद्राएं है, वह फिल्मों को छोड़कर आम जीवन में स्वीकार्य नहीं है. थानेदार की जिम्मेवारी अपने इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने की है. लेकिन अगर वह खुद मनमानी में शामिल हो जाये, तो चर्चा का विषय बन जाता है.
मामले की गंभीरता को देखते हुए गुमला एसपी हरीश बिन जमां ने तत्काल संज्ञान लिया. प्रारंभिक जांच के बाद थाना प्रभारी महेंद्र कर्माली और सब इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया. साथ ही दोनों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है.
पुलिस विभाग ने साफ कहा है कि वर्दी की गरिमा और विभागीय अनुशासन से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी. हालांकि वायरल तस्वीरों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग अपनी नैतिक सीमाओं को भूलते जा रहे हैं?
अब रही बात इस सवाल की, क्या तस्वीर सही है. पुरानी कहावत है “तस्वीरें झूठ नहीं बोलतीं”. लेकिन जमाना AI का है. इसमें तस्वीरों से झूठ बुलवाया जा सकता है. सवालों के उलझन को सुलझाने के लिए बस इतना ही कहना है. आग लगने पर ही धुंआ उठता है.
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