Ranchi : झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के तत्वावधान में राज्यभर के सरकारी विद्यालयों में आयोजित तीन दिवसीय समर कैंप का समापन उत्साहपूर्ण माहौल में हुआ. अंतिम दिन भी विद्यालय विभिन्न खेल, सांस्कृतिक और रचनात्मक गतिविधियों से जीवंत बने रहे. विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लेकर अपनी प्रतिभा, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया.

समर कैंप के अंतिम दिन कई जिलों में जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं अन्य अधिकारियों ने विद्यालयों का दौरा कर बच्चों के साथ योग अभ्यास और सामूहिक नृत्य में हिस्सा लिया. अधिकारियों ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उनकी प्रतिभा की सराहना की. उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार और प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित भी किया गया.
कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों के लिए जूम्बा व्यायाम, कंचे का खेल, कविता पाठ, नृत्य और “मेरा विद्यालय, मेरा गांव” विषय पर लघु भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई. वहीं, चित्रांकन और रंग भरने जैसी हस्तकला गतिविधियों में भी बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया.
कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए गिल्ली-डंडा, पिट्टू और गुलेल जैसे पारंपरिक स्वदेशी खेल आयोजित किए गए. इसके साथ “झारखंड की संस्कृति, वन का लाभ” विषय पर भाषण प्रतियोगिता और झारखंड सामान्य ज्ञान क्वीज का भी आयोजन हुआ. कहानी लेखन, पुस्तक पठन, लोकगीत और क्षेत्रीय नृत्य की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को आकर्षक बनाया.
वहीं, कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए “झारखंड का विकास, पर्यावरण का संरक्षण” विषय पर भाषण और क्वीज प्रतियोगिता आयोजित की गई. समूह प्रस्तुति, नाटक, लोकगीत और क्षेत्रीय नृत्य के माध्यम से विद्यार्थियों ने सामाजिक एवं सांस्कृतिक विषयों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया.
राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी धीरसेन ए. सोरेंग ने समर कैंप की सफलता पर कहा कि यह कार्यक्रम नई शिक्षा नीति 2020 की भावना के अनुरूप विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखकर आयोजित किया गया. उन्होंने कहा कि नए शैक्षणिक सत्र में विद्यालय बदलने वाले विद्यार्थियों को इस कैंप के माध्यम से नए मित्रों और नए वातावरण के साथ सहज रूप से जुड़ने का अवसर मिला.
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