Ranchi : पूर्व शिक्षा मंत्री बंधु तिर्की की अध्यक्षता में सोमवार को उनके आवास पर जनजाति एवं क्षेत्रीय भाषा कॉन्क्लेव–2026 की समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में 4 जुलाई को आयोजित कॉन्क्लेव की सफलता पर संतोष व्यक्त करते हुए आगामी कार्यक्रमों और जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं के संरक्षण-संवर्धन से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई.
बैठक में सर्वसम्मति से कॉन्क्लेव–2026 की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के लिए एक समिति गठित करने का निर्णय लिया गया. समिति में डॉ. कुमारी शशि, डॉ. बन्दे खलखो, डॉ. दिनेश दिनमणि, डॉ. बसंत कुमार बीना, आदर्श पांडेय, जगदीश उरांव, रचना हारो, विक्की मेंस और कृष्णा हेंब्रम को सदस्य बनाया गया है,
बैठक में यह भी तय किया गया कि 22 जुलाई 2026 को तर राय हॉल में "जनजाति एवं क्षेत्रीय भाषा संवाद" का आयोजन किया जाएगा. कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. हरी कुणाल होंगे. संवाद में शिक्षक, शोधार्थी, लेखक, साहित्यकार और विभिन्न क्षेत्रों के करीब 160 प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है.
संवाद के प्रमुख एजेंडे में जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं के संरक्षण और संवर्धन के लिए पृथक बजट की व्यवस्था, शिक्षकों की बहाली, जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा संरक्षण समिति का गठन, छात्र वेलफेयर समिति के गठन और भाषा, साहित्य और संस्कृति के विकास से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा शामिल होगी.
समीक्षा बैठक में डॉ. हरि उरांव, डॉ. वृन्दावन महतो, श्रीमती शकुंतला मिश्रा, डॉ. खालिक अहमद, डॉ. बन्दे खलखो, डॉ. कुमारी शशि, डॉ. दिनेश दिनमणि, डॉ. अरुण अमित तिग्गा, बिनाधर सांडिल, जगदीश उरांव, लेबयन मुण्डू सहित कई शिक्षाविद्, साहित्यकार और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे.
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