Ranchi : राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) के सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग ने दो जटिल कैंसर सर्जरी सफलतापूर्वक कर मरीजों को नई उम्मीद दी है. दोनों ऑपरेशन विभागाध्यक्ष डॉ. अजीत कुशवाहा और डॉ. रोहित झा के नेतृत्व में किए गए. एनेस्थीसिया विभाग से डॉ. दीपाली ने अहम भूमिका निभाई. सर्जिकल टीम में डॉ. अभिषेक, डॉ. शास्वत, डॉ. हितेश, डॉ. ईशांत, डॉ. बाला और डॉ. सहर शामिल रहे.
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पहला मामला पश्चिम बंगाल के पुरुलिया की 46 वर्षीय महिला का था. महिला लंबे समय से पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द और लिवर बढ़ने की समस्या से परेशान थीं. जांच में लिवर के बाएं हिस्से में बड़ा हेपैटोसेल्युलर कार्सिनोमा (लिवर कैंसर) मिला. डॉक्टरों ने सफल ऑपरेशन कर ट्यूमर निकाल दिया. सर्जरी के बाद मरीज की हालत अच्छी है और वह तेजी से स्वस्थ हो रही हैं.

दूसरा मामला हजारीबाग की 40 वर्षीय महिला का था. उन्हें लगातार खांसी, खांसी के साथ खून आना, बार-बार बुखार, सांस लेने में परेशानी और वजन कम होने की शिकायत थी. जांच में बाईं मुख्य श्वासनली में दुर्लभ पल्मोनरी कार्सिनॉयड ट्यूमर मिला, जिससे फेफड़े का ऊपरी हिस्सा लगभग बंद हो गया था. डॉक्टरों ने सफल ऑपरेशन कर ट्यूमर निकाल दिया. फिलहाल मरीज की स्थिति स्थिर है और उनकी रिकवरी अच्छी चल रही है.
रिम्स के सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के अनुसार अब यहां सिर और गर्दन, फेफड़े, लिवर, पित्त नली, पेट, स्त्री रोग, स्तन और यूरो कैंसर से जुड़ी जटिल सर्जरी नियमित रूप से की जा रही हैं.
विभाग ने बताया कि पिछले एक साल में 180 सिर और गर्दन के कैंसर, 87 गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल कैंसर, 33 हेपेटोबिलियरी कैंसर, 102 स्त्री रोग संबंधी कैंसर, 66 स्तन कैंसर और 27 यूरो कैंसर के सफल ऑपरेशन किए गए हैं. विभाग का कहना है कि विशेषज्ञ डॉक्टरों और बेहतर टीमवर्क की बदौलत रिम्स पूर्वी भारत में कैंसर उपचार के प्रमुख केंद्र के रूप में तेजी से अपनी पहचान बना रहा है.
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