Ranchi: रांची स्थित प्रदेश कार्यालय में छात्र संगठन NSUI के प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक हुई. जिसमें प्रदेश के पदाधिकारी, विश्वविद्यालय अध्यक्ष एवं विभिन्न जिलाध्यक्ष शामिल हुए. बैठक में मुख्य रूप से रांची विश्वविद्यालय के अंतर्गत पढ़ने वाले लाखों छात्रों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई.

संगठन ने आरोप लगाया कि छात्र कई गंभीर मुद्दों से जूझ रहे हैं. जिनमें छात्र संघ चुनाव नहीं कराना और छात्रों को लोकतांत्रिक अधिकारों से वंचित करना प्रमुख है. इसके अलावा सत्र में विलंब, समय पर रिजल्ट जारी नहीं होना, कक्षाओं में सभी विषयों की पढ़ाई नहीं होना, एक-दो अंकों से बड़ी संख्या में छात्रों का फेल होना, 80 प्रतिशत कॉलेजों में मुख्य विषयों के प्रोफेसरों की कमी, तृतीय एवं चतुर्थ वर्गीय कर्मचारियों का अभाव, 2026 सत्र में पीजी नामांकन से वंचित होना जैसे मुद्दे भी उठाए गए.
बैठक में यह भी कहा गया कि वर्ष 2024 में पीएचडी प्रवेश परीक्षा के नाम पर छात्रों से लगभग 2500 रुपये शुल्क लेने के बावजूद अब तक परीक्षा आयोजित नहीं की गई है. जिससे छात्रों का भविष्य अधर में है. साथ ही विश्वविद्यालय में स्थायी कुलपति और प्रति कुलपति की नियुक्ति नहीं होना तथा सिलेबस समय पर पूरा नहीं होना भी चिंता का विषय है.
इन सभी समस्याओं के समाधान के लिए NSUI ने विश्वविद्यालय एवं कॉलेज स्तर पर जोरदार आंदोलन करने और प्रशासन पर दबाव बनाने की रणनीति तैयार की है. इसके साथ ही आगामी 9 अप्रैल को NSUI के स्थापना दिवस के अवसर पर 3 अप्रैल से 9 अप्रैल तक एक सप्ताह तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करने पर भी चर्चा की गई.
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