Ranchi : मुख्यमंत्री आवास घेराव कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे झारखंड आंदोलनकारियों को सिली थाना पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद एक नया बयान सामने आया है. आंदोलनकारियों ने अब कहा है कि सिली थाना प्रभारी और पुलिसकर्मियों ने उनके साथ सम्मानजनक और लोकतांत्रिक व्यवहार किया.
आंदोलनकारी नेता लक्ष्मी महतो ने कहा कि हम लोगों को सिली थाना में रोका गया था, लेकिन थाना प्रभारी और पुलिस के जवानों ने हमारे साथ अच्छा व्यवहार किया. हमें चाय, नाश्ता, पानी और भोजन की व्यवस्था उपलब्ध कराई गई. किसी तरह की अभद्रता नहीं की गई.
उन्होंने कहा कि पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के तहत उन्हें रोका था और बाद में सभी को छोड़ दिया गया. लक्ष्मी महतो ने बताया कि रिहा होने के बाद आंदोलनकारी अब अपनी अगली रणनीति के तहत रांची के लिए रवाना हो गए हैं.
वहीं, सिली थाना प्रभारी ने भी कहा कि आंदोलनकारियों को पूरी तरह संवैधानिक और लोकतांत्रिक तरीके से थाना में रखा गया था और उनके सभी बुनियादी सुविधाओं का ध्यान रखा गया. पुलिस का उद्देश्य केवल शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखना था.
इधर लक्ष्मी, रामपादो महतो, काबिल अंसारी, गुणाधर महतो, तुलसी मांझी, विशेश्वर महतो, भावेश हाजरा, रविन्द्र नाथ महतो, कालीपद महतो, हरेन महतो, जयपाल महतो, दुर्गाचरण महतो, लक्ष्मण महतो, विजय गुप्ता, गुहीराम भोक्ता, नरेश चंद्र महतो, चंपा देवी, सरस्वती देवी आदि सैकड़ों शामिल थे.
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