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रांची : 2 अक्तूबर को मोरहाबादी में होगा रावण दहन

  • 70 फीट के पुतले के साथ लेजर शो और रंगीन आतिशबाजी होगी

Ranchi : दशहरा उत्सव चरम पर हैं. इस बार 70 फीट ऊंचा रावण, 65 फीट कुंभकरण और 60 फीट के मेघनाथ के पुतले तैयार किए गए हैं. जबकि सोने की लंका 30x30 फुट की होगी. मोरहाबादी मैदान में 2 अक्टूबर को रावण दहन का आयोजन किया गया है. 

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गयाजी जिले से आई 21 सदस्यीय टीम ने एक महीने की मेहनत से इन पुतलों को तैयार किया है. जिसमें  बांस, कपड़ा, कागज से बने इन पुतलों को वाटरप्रूफ बनाया गया है. इस बार भी रिमोट कंट्रोल से रावण दहन होगा.

 

सोमवार को कडरू स्थित पंजाबी हिंदू बिरादरी के अध्यक्ष सुधीर उग्गल, राजेश खन्ना, राजेश मेहरा, सौरभ खन्ना, अरुण चावला ने कडरू में यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि बिहार के मुहम्मद मुस्लिम ने तीनों पुतले को तैयार किए है.
 

मैदान के चारों ओर बाहुबली हनुमान लोगों को देंगे दर्शन

मैदान के चारों ओर चार विशाल हनुमान की झलक श्रद्धालुओं को दिखाई देगी. उत्तर प्रदेश से आई झांकियां भी लोगों को आकर्षित करेंगी. आयोजकों ने बताया कि इस बार रावण दहन में 6 मिनट का लेजर शो के साथ रंग-बिरंगी आतिशबाजी और साउंड इफेक्ट्स का विशेष इंतजीम किया गया है.

 

जानें क्या है रांची में रावण दहण का इतिहास

रांची में रावण दहन सामूहिक चंदा से 1948 में की गई थी. जो रांची कॉलेज में 10 फीट का रावण बनाया गया था. इसके बाद 1953 में दिल्ली में इसकी शुरूआत हुई. 1950 से 1955 तक रावण के पुतलों का निर्माण रेलवे स्टेशन स्थित खजुरिया तालाब के पास रेस्ट कैंप (शरणार्थी शिविर) में होने लगा. 

 

1960 से लगातार मोरहाबादी मैदान में रावण दहन होते आ रहा है. पंजाबी हिन्दू बिरादरी के आयोजकों ने मेघनाय और कुंभकर्ण के पुतलों सहित सोने की लंका का भी निर्माण करवाया, जो आज भी जारी है. 


 20 लाख की लागत से तैयार हुआ रावण   

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन रावण का वध करेंगे. पूर्व मंत्री सीपी सिंह मेघनाद का और सांसद संजय सेठ कुंभकरण का वध करेंगे. रावण दहण कार्यक्रम में आतिशबाजी, मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम होगें.इस वर्ष पुतलों की लंबाई रावण-70 फुट, कुंभकर्ण-65 एवं मेघनाथ-60 फुट के होगें, रावण दहण मे करीब 20 लाख की लागत होगी.

 

कोलकाता के कलाकार होंगे शामिल

आयोजन में स्थानीय लोक कलाकारों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के कलाकार भी शामिल होंगे. जिसमें राम की जीवंत मूर्ति, रावण वध की जीवंत झांकी सहित मनमोहक सांस्कृतिक की प्रस्तुति की जाएगी.

 

पायरो फायर वर्कस, मुंबई एवं कोलकता के टीम द्वारा भव्य आकाशीय आतिशबाजी होगी. इस वर्ष बिहार के बक्सर जिले के मो जलील अहमद आतिशबाज (मो आसीक अंसारी रिकूं) के द्वारा जमीनी आतिशबाजी की जाएगी.

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