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Ranchi : रिपेयरिंग या बेदखली? हॉस्टल खाली कराने के विरोध में उतरीं 200 कामकाजी महिलाएं

Ranchi : वर्किंग विमेंस हॉस्टल जो सरकार की तरफ से गरीब दर्जे की महिलाओं के लिए बनाया गया था उसमें रह रही करीब 200 कामकाजी महिलाओं ने प्रशासन पर रिपेयरिंग के नाम पर हॉस्टल खाली कराने का आरोप लगाया है. महिलाओं का कहना है कि लगातार नोटिस देकर उन्हें हॉस्टल छोड़ने के लिए दबाव बनाया जा रहा है, जबकि उनके पास रहने के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है. इस हॉस्टल में राज्य के विभिन्न जिलों से महिलाएं आकर रह रही है.
 

Ranchi : वर्किंग विमेंस हॉस्टल जो सरकार की तरफ से गरीब दर्जे की महिलाओं के लिए बनाया गया था उसमें रह रही करीब 200 कामकाजी महिलाओं ने प्रशासन पर रिपेयरिंग के नाम पर हॉस्टल खाली कराने का आरोप लगाया है. महिलाओं का कहना है कि लगातार नोटिस देकर उन्हें हॉस्टल छोड़ने के लिए दबाव बनाया जा रहा है, जबकि उनके पास रहने के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है. इस हॉस्टल में राज्य के विभिन्न जिलों से महिलाएं आकर रह रही है.

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महिलाओं का आरोप है कि हॉस्टल को मरम्मत के बहाने एक निजी संस्था ‘सखी निवास’ को सौंपने की तैयारी की जा रही है. उनका दावा है कि कुछ समय पहले उनसे एक खाली कागज पर हस्ताक्षर कराए गए थे, जिसे बाद में संस्था को हॉस्टल सौंपने की सहमति के रूप में इस्तेमाल किया गया.

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हॉस्टल


हॉस्टल में रहने वाली अधिकांश महिलाएं घरेलू कामकाज, निजी दुकानों, मेडिकल स्टोर्स और अन्य छोटे रोजगारों से जुड़ी हैं. उनका कहना है कि उनकी मासिक आय 5,000 से 7,000 रुपये के बीच है. महिलाओं के अनुसार, यदि हॉस्टल का संचालन किसी संस्था को सौंपा गया तो उन्हें अपनी आय का 15 प्रतिशत किराए के रूप में देना पड़ सकता है, जो उनके लिए संभव नहीं होगा.


महिलाओं ने बताया कि बाहर किराए पर कमरा या लॉज लेना उनके लिए मुश्किल है, क्योंकि किराया बहुत अधिक है और कई स्थानों पर शिफ्ट ड्यूटी करने वाली महिलाओं को रहने की अनुमति भी नहीं मिलती. हॉस्टल में कुछ बुजुर्ग महिलाएं भी रहती हैं, जिनके पास जाने के लिए कोई दूसरा ठिकाना नहीं है.


महिलाओं ने सरकार की महिला कल्याण योजनाओं का हवाला देते हुए कहा कि एक ओर महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा की बातें की जाती हैं, वहीं दूसरी ओर कामकाजी महिलाओं को बेघर होने की स्थिति में पहुंचाया जा रहा है. महिलाओं का कहना है कि यदि वास्तव में मरम्मत करानी है तो हॉस्टल के एक हिस्से में रहकर दूसरे हिस्से में काम कराया जा सकता है.


इस मुद्दे पर विधायक अरूप चटर्जी ने महिलाओं का समर्थन किया है. उनके नेतृत्व में महिलाओं का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री और संबंधित अधिकारियों से मुलाकात कर अपनी मांग रखेगा. महिलाओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन और धरना-प्रदर्शन का रास्ता अपनाएंगी.

 

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