Ranchi News : कांके में चोरी के वाहनों की खरीद-बिक्री से जुड़े एक संदिग्ध नेटवर्क का मामला सामने आया है. कांके थाना क्षेत्र में पुलिस की छापेमारी के दौरान दिल्ली से चोरी की गई एक थार गाड़ी बरामद की गई है. मौके से दो अन्य थार वाहन, दो मोटरसाइकिल, तीन स्कूटी और बड़ी संख्या में संदिग्ध नंबर प्लेट मिलने की भी जानकारी सामने आई है. मामले में आरोपी समीर छापेमारी के दौरान फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस जुटी है.
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जीपीएस की मदद से रांची पहुंची ट्रैवल एजेंसी की टीम
जानकारी के मुताबिक, गुरुवार को दिल्ली की एक ट्रैवल एजेंसी के कुछ लोग जीपीएस लोकेशन ट्रैक करते हुए रांची पहुंचे थे. एजेंसी की थार गाड़ी दिल्ली से चोरी होने की बात सामने आई थी. जीपीएस के जरिए वाहन की लोकेशन कांके थाना क्षेत्र में मिलने के बाद एजेंसी के लोगों ने स्थानीय पुलिस को इसकी सूचना दी. सूचना मिलने के बाद कांके थाना की पुलिस ने बताए गए ठिकाने पर छापेमारी की. इस दौरान दिल्ली से चोरी की गई थार गाड़ी बरामद कर ली गई.
नंबर प्लेट बदलकर बहन के घर में छिपाई थी गाड़ी
पुलिस को मिली जानकारी के अनुसार, समीर नाम का युवक मूल रूप से बिहार के सीवान जिले का रहने वाला है और वर्तमान में रांची के कांके क्षेत्र में अपनी बहन के घर पर रह रहा था. बताया जा रहा है कि उसने ट्रैवल एजेंसी से थार गाड़ी किराये पर ली थी. इसके बाद गाड़ी का नंबर प्लेट बदलकर उसे कांके स्थित अपनी बहन के घर पर छिपा दिया था.

चोरी की बाइक बरामद
पुलिस की छापेमारी की भनक लगते ही आरोपी समीर कथित तौर पर घर के पिछले रास्ते से निकलकर धान के खेत की ओर भाग गया. पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है.
नकली नंबर प्लेट मिलने से बढ़ा संदेह
छापेमारी के दौरान पुलिस को संदिग्ध वाहनों के साथ बड़ी संख्या में नंबर प्लेट भी मिले हैं. पुलिस को आशंका है कि नंबर प्लेट बदलकर चोरी के वाहनों की पहचान छिपाने की कोशिश की जाती रही होगी. बरामद मोटरसाइकिल और स्कूटी के संबंध में भी जांच की जा रही है कि कहीं वे रांची के अलग-अलग इलाकों से चोरी तो नहीं की गई हैं.
पुलिस अब बरामद वाहनों के रजिस्ट्रेशन नंबर, इंजन और चेसिस नंबर के आधार पर उनकी पहचान और स्वामित्व की जांच कर रही है. साथ ही, दिल्ली में दर्ज चोरी के मामले और रांची में बरामद वाहनों के बीच संबंधों की भी पड़ताल की जा रही है.
संगठित गिरोह की आशंका, आपराधिक इतिहास खंगाल रही पुलिस
पुलिस को आशंका है कि इस मामले के पीछे चोरी के वाहनों को एक शहर से दूसरे शहर ले जाकर बेचने वाला संगठित नेटवर्क सक्रिय हो सकता है. हालांकि, गिरोह की पूरी भूमिका और उसके अन्य सदस्यों के संबंध में अभी जांच जारी है.
पुलिस फरार समीर का आपराधिक इतिहास भी खंगाल रही है. उसके पकड़े जाने के बाद कथित नेटवर्क, वाहनों की खरीद-बिक्री और नंबर प्लेट बदलने से जुड़े अन्य पहलुओं पर पूछताछ किए जाने की संभावना है. कांके थाना में मामले को लेकर प्राथमिकी दर्ज किए जाने की जानकारी भी सामने आई है.
परिजनों ने चोरी की गतिविधियों में शामिल होने से किया इनकार
सूत्रों के मुताबिक, पुलिस की पूछताछ के दौरान समीर की बहन के घरवालों ने उसके चोरी की गतिविधियों में शामिल होने की जानकारी से इनकार किया है. उनका कहना है कि समीर दिल्ली में रहकर नौकरी करता है.
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है. फरार आरोपी की गिरफ्तारी और बरामद वाहनों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही कथित वाहन चोरी नेटवर्क की पूरी तस्वीर सामने आ सकेगी.
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