Ranchi : जिले में स्वास्थ्य और समाज कल्याण योजनाओं की समीक्षा की गई. इस दौरान प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है. उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में शनिवार को समाहरणालय में बैठक हुई. बैठक में बेड़ो और मांडर प्रखंड की महिला पर्यवेक्षिकाओं को कुपोषण उपचार केंद्र (एमटीसी) में कम नामांकन पर शोकॉज जारी किया गया और वेतन रोकने का आदेश दिया गया.
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें तत्काल एमटीसी में भर्ती कराया जाए और समुचित इलाज के साथ पोषाहार उपलब्ध कराया जाए. उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए, इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी.
बैठक में आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए. किसी भी अनियमितता पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई. वहीं, आंगनबाड़ी भवन निर्माण में बाधा उत्पन्न करने वालों पर कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए.
मूलभूत सुविधाओं की समीक्षा में बिजली, शौचालय, पेयजल और रसोई व्यवस्था को दुरुस्त करने पर जोर दिया गया. लंबित बिजली कनेक्शन मामलों को जल्द सुलझाने के निर्देश दिए गए.
उपायुक्त ने संस्थागत प्रसव और टीकाकरण को प्राथमिकता देते हुए ड्यू लिस्ट के अनुसार शत-प्रतिशत उपलब्धि हासिल करने को कहा. साथ ही पोषण ट्रैकर ऐप में 100% डाटा एंट्री अनिवार्य करने का निर्देश दिया.
उन्होंने झोलाछाप डॉक्टरों से दूर रहने के लिए जनजागरूकता अभियान चलाने और मंईयां सम्मान योजना के लंबित सत्यापन कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश भी दिए.
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