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रांची : बालू चोरी के खिलाफ सोनाहातु प्रखंड प्रमुख का भूख हड़ताल

सोनाहातु प्रखंड के प्रमुख विक्टोरिया देवी एक दिवसीय भूख हड़ताल पर है. उनकी मांग है कि सिल्ली-सोनाहातु इलाके में जो बालू चोरी का कारोबार चल रहा है, उस पर रोक लगायी जाये. ऐसा माना जाता है कि बिना राजनीतिक दलों को मैनेज किये बालू चोरी का कारोबार नहीं हो सकता. ऐसे समय में एक जनप्रतिनिधि का इसके खिलाफ मुखर होने का मामला दिलचस्प है.
 

Ranchi :  सोनाहातु प्रखंड की प्रमुख विक्टोरिया देवी एक दिवसीय भूख हड़ताल पर है. उनकी मांग है कि सिल्ली-सोनाहातु इलाके में जो बालू चोरी का कारोबार चल रहा है, उस पर रोक लगायी जाये. ऐसा माना जाता है कि बिना राजनीतिक दलों को मैनेज किये बालू चोरी का कारोबार नहीं हो सकता. ऐसे समय में एक जनप्रतिनिधि का इसके खिलाफ मुखर होने का मामला दिलचस्प है. 

 

सोनाहातु प्रखंड प्रमुख ने बताया कि स्थानीय पदाधिकारी भी कान में तेल डाल कर सोये रहते हैं. वह लगातार इस मामले को उनके संज्ञान में देती रही हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती है. आज का धरना तो सांकेतिक है, अगर रोक नहीं लगाई गई तो मैं बालू घाट पर ही अनसन पर बैठूंगी.

 

उन्होंने कहा कि स्थानीय पदाधिकारी केवल यही कहते हैं कि इस तरह की कोई सूचना उन्हें प्राप्त नहीं हुई है. अगर बालू चोरी हो रही है, तो कार्रवाई करेंगे. लेकिन होता कुछ नहीं. उन्होंने माइनिंग पदाधिकारी से भी मिलकर शिकायत की. लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. 

 

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24 घंटे के लिए टोकन का लगता 22 हजार

जानकारी के मुताबिक, सिल्ली व सोनाहातु में अवैध बालू का कारोबार चल रहा है. एक गाड़ी को 24 घंटे के लिए 22 हजार लेकर टोकन दिया जाता है. वह इस दौरान दो-चार बार बालू की ढ़ुलाई कर लेता है. उसके वाहन को कोई भी नहीं रोकता है. चाहे वह पुलिस प्रशासन के अफसर हो, ग्रामीण या राजनीतिक दलों से जुड़े लोग. 

 

22 हजार रुपये लेकर टोकन देने वाले की जिम्मेदारी सबसे बचाना होता है. बताया जाता है कि नदी से बालू खनन में मुरली, मनोज, चौधरी, परदेसी, बोलाई, शंकर, बिपिन आदि का नाम शामिल है. हर शाम इन लोगों को गाड़ियों का नंबर उपलब्ध करा दिया जाता है.

 

इसके बाद उन गाड़ियों से राडू, कांची और स्वर्णरेखा नदी से बालू की अवैध ढ़ुलाई की जाती है. बालू के इस अवैध कारोबार में चालान का भी अलग खेल होता है. बालू कहीं का और चालान कहीं और का होता है.

 

 

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