- एसएसपी ने कहा कि बिल्डर की एक संपत्ति अटैच हो चुकी है दूसरी आज कर ली जाएगी
- सुखदेव नगर थाना इंचार्ज ने वारंट आफ अटैचमेंट लेने से किया था इंकार
- कंज्यूमर फोरम, गुमला ने बिल्डर की रांची की 2 संपत्ति अटैच करने को लेकर किया है वारंट आफ अटैचमेंट
- एसएसपी बोले , सभी थाना इंचार्ज को कोर्ट के आदेश का तुरंत अनुपालन करने का देंगे आदेश
Ranchi : कंज्यूमर फोरम गुमला के आदेश को लागू करने में सुखदेव नगर थाना और सदर थाना द्वारा सहयोग नहीं करने के मामले में कोर्ट के आदेश के आलोक में रांची एसएसपी हाईकोर्ट में हाजिर हुए. उनकी ओर से कोर्ट को बताया गया कि सदर थाना अंतर्गत संबंधित बिल्डर की प्रॉपर्टी अटैच कर ली गई है और सुखदेव नगर थाना अंतर्गत आने वाले बिल्डर की प्रॉपर्टी को आज अटैच कर लिया जाएगा.
उनकी ओर से कोर्ट को यह भी बताया गया कि वह रांची के सभी थाना इंचार्ज को दिशा निर्देश देंगे कि इस तरह के मामलों में कोर्ट के आदेश का अनुपालन तुरंत सुनिश्चित किया जाए. उनकी ओर से कोर्ट को भविष्य में थाना इंचार्ज द्वारा वारंट ऑफ अटैचमेंट नहीं लेने की घटना की पुनरावृत्ति नहीं होने का भरोसा दिलाया गया. दरअसल सुखदेव नगर थाना प्रभारी ने उपभोक्ता फोरम गुमला के द्वारा बिल्डर की संपत्ति अटैचमेंट को लेकर जारी वारंट ऑफ अटैचमेंट लेने से इनकार कर दिया था . इसे हाईकोर्ट ने गंभीरता से लिया था और आज रांची एसएसपी को हाईकोर्ट में तलब किया था.
दरअसल प्रार्थी कविता साबू ने गुमला में एक प्रॉपर्टी खरीदी थी, लेकिन बिल्डर द्वारा उन्हें उनके फ्लैट का पोजेशन नहीं दिलाया जा रहा था. इसके बाद कंज्यूमर फोरम, गुमला ने संबंधित बिल्डर के रांची के सुखदेव नगर और सदर थाना अंतर्गत दो प्रॉपर्टी को अटैच करने के लिए वारंट का अटैचमेंट निकला था. इस वारंट का अटैचमेंट को सुखदेव नगर थाना इंचार्ज ने नहीं लिया. साथ ही कंज्यूमर फोरम के आदेश के आलोक में सुखदेवनगर और सदर थाना पुलिस ने बिल्डर के रांची के 2 प्रॉपर्टी को अटैचमेंट करने में सहयोग नहीं किया था.
क्या है मामला
याचिकाकर्ता कविता साबू ने आरोप लगाया है कि रांची के पुलिस अधिकारी जजमेंट डेब्टर के साथ मिलीभगत कर रहे हैं और कंज्यूमर फोरम, गुमला के आदेश को लागू करने में सहयोग नहीं कर रहे हैं. उन्होंने सुखदेवनगर थाना और सदर थाना के थाना प्रभारी पर आदेश लागू न करने का आरोप का आरोप लगाया था. सुखदेवनगर थाना प्रभारी पर कंज्यूमर फोरम का पत्र लेने से इनकार करने का आरोप था. साथ ही एसएसपी रांची पर रिपोर्ट न भेजने का आरोप था. जिसपर कोर्ट ने पाया था कि पुलिस प्रशासन का रवैया सहयोगात्मक नहीं है, जिससे न्यायिक आदेश के क्रियान्वयन में बाधा आ रही है.
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