Ranchi : डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय के कॉमर्स विभाग में 100 प्रतिशत फीस वृद्धि के खिलाफ छात्रों का 6 माह से चल रहा आंदोलन सफल हो गया है. विश्वविद्यालय प्रशासन ने अगले शैक्षणिक सत्र से फीस में कटौती करते हुए पुरानी शुल्क संरचना लागू करने का निर्णय लिया है.
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नई व्यवस्था के अनुसार, अगले सत्र से सामान्य वर्ग (General Category) के छात्रों से ₹4,410 और एसटी, एससी और ओबीसी वर्ग के छात्रों से ₹3,985 वार्षिक शुल्क लिया जाएगा, जो पहले प्रति सेमेस्टर लिया जाता था. यह संशोधित शुल्क आगामी शैक्षणिक सत्र से प्रभावी होगा.
इस मुद्दे को लेकर छात्र नेता वसीम अंसारी के नेतृत्व में लगातार छह माह तक आंदोलन चला. इसी दौरान विश्वविद्यालय को 7 दिनों तक तालाबंद करके भी रखा गया था. कई बार कुलपति को ज्ञापन भी सौंपा गया. छात्रों का कहना था कि तत्कालीन कुलपति प्रो. डी.के. सिंह ने स्थायी कुलपति नहीं होने का हवाला देते हुए इस मामले में कोई निर्णय नहीं लिया.
स्थायी कुलपति के रूप में प्रो. राजीव मनोहर के कार्यभार संभालने के बाद इस मुद्दे पर कई दौर की वार्ता हुई और 2-4 बार आंदोलन भी किया गया. कुलपति ने छात्रों को आश्वासन दिया था कि उनकी मांगों पर कार्रवाई की जाएगी. अब फीस में कटौती का फैसला छात्र आंदोलन की बड़ी सफलता है.
छात्र नेता वसीम अंसारी ने कहा कि उम्मीद थी, इसलिए लड़ाई लड़ी और कभी पीछे नहीं हटे. उन्होंने आदिवासी छात्र संघ और आइसा (AISA) के साथियों का सहयोग के लिए आभार जताते हुए कहा कि सभी ने एकजुट होकर छात्रों के हित में संघर्ष किया, जिसका सकारात्मक परिणाम सामने आया है. उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में भी विश्वविद्यालय के किसी भी विभाग में छात्रों के साथ अन्याय होने पर वे न्याय की लड़ाई में उनके साथ खड़े रहेंगे.
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