Ranchi: राजधानी रांची में सुबह के समय सड़कों पर तेज रफ्तार से दौड़ती गाड़ियां एक गंभीर समस्या बन गई हैं. सुबह के व्यस्त समय में जब लोग अपने काम पर या बच्चे स्कूल जा रहे होते हैं, तब तेज गति से चलने वाले ये वाहन लगातार दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं.
30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार सीमा वाले सड़कों पर भी वाहन चालक 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गाड़ी चला रहे हैं, जिससे सड़क पर चलना बेहद खतरनाक हो गया है. आमतौर पर देखा जाए तो राजधानी के हरमू रोड, कांटाटोली से बूटी मोड़, राजभवन से लेकर बूटी मोड, कांके रोड और रातु रोड ऐसे अति व्यस्ततम इलाके में सुबह के समय मालवाहक वाहन के अलावा निजी वाहन के चालक भी तेज रफ्तार से अपनी गाड़ियों को चलाते हैं.
कांके रोड में स्कूल जा रही मां बेटी को ट्रक ने कुचल दिया
29 अगस्त की सुबह कांके थाना क्षेत्र के कांके रोड स्थित जोड़ा पुल के पास तेज रफ्तार जा रही एक ट्रक ने स्कूल जा रही मां बेटी को कुचल दिया. इस घटना में मां और बेटी की मौके पर ही मौत हो गई. इस घटना के 19 दिन पहले 10 अगस्त को हरमू रोड में एक तेज रफ्तार से जा रही फॉर्च्यूनर कार ने तीन लोगों को कुचल दिया था. जिनमें तीन लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी.
रांची में सर्वाधिक 39 लोगों की जान चली गयी
झारखंड की सड़कों पर मौत दौड़ रही है. सिर्फ जुलाई 2025 में 280 लोगों ने सड़क हादसों में दम तोड़ दिया. रांची में सर्वाधिक 39 लोगों की जान चली गयी. सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूक किए जाने के बाद भी लोग जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं. बिना हेलमेट, तेज रफ्तार और नशे में गाड़ियां चला रहे हैं. इससे सड़क दुर्घटना में मौत थम नहीं रही है.
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