Ranchi : पुलिस मुख्यालय में अक्सर आने-जाने वाले राजेश राम के कारनामे अब एक-एक कर सामने आने लगे हैं. ताजा सूचना यह है कि राजेश राम ने ओड़िशा के एक कारोबारी से 65 लाख रुपया ले लिया था. यह रकम कोयला का कारोबार कराने के लिए लिया गया था. उसने यह रकम एक ट्रांसपोर्टर कंपनी के अकाउंट में ट्रांसफर कराया था.
उपलब्ध दस्तावेज के मुताबिक, राजेश राम ने ओड़िशा के कारोबारी को रांची बुलाया था. उसने उस कारोबारी से रामगढ़ में कोयला कारोबार कराने का वादा किया था. इसके बदले उसने 65 लाख रुपये लिया था. लेकिन कोयला कारोबार शुरू नहीं किया गया. तब कारोबारी ने इस बारे में कुछ जगह शिकायत की. जिसके बाद कारोबारी को 44 लाख रुपये वापस किये गये.
जानकारी के मुताबिक, मूल रूप से रामगढ़ जिले का रहने वाला राजेश राम रांची में चेशायर होम रोड स्थित एक अपार्टमेंट में रहता है. राजेश राम का आपराधिक इतिहास है. वह महंगी गाड़ी पर चलता है और पुलिस मुख्यालय में गणेश नामक पुलिस पदाधिकारी के पास अक्सर आता-जाता रहा है. यहीं से उसे संरक्षण मिलता है.
उल्लेखनीय है कि जुलाई महीने में रामगढ़ की भुरकुंडा पुलिस ने एक आपराधिक मामले में उसे गिरफ्तार किया था. पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया था, जहां से उसे जमानत मिल गई थी और वह छूट गया था.
हालांकि उसके खिलाफ भुरकुंडा थाना में ही एक मामले में गिरफ्तारी वारंट जारी था. पुलिस ने उस वारंट के आलोक में उसे रिमांड पर नहीं लिया. इस घटना से उसकी पहुंच का अंदाजा लगाया जा सकता है.
पिछले दिनों जब Lagatar Media ने राजेश राम को लेकर खबरें प्रकाशित की. उसके खिलाफ वारंट होने की बात को प्रकाशित किया, उसके बाद रामगढ़ की भुरकुंडा पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया और जेल भेजा. दो दिन बाद उसे जमानत मिल गई.
एक सूत्र ने यह भी दावा किया है कि जिस दिन भुरकुंडा पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया, उस दिन भी सुबह में वह पुलिस मुख्यालय गया था. वहां से निकलने के बाद उसकी गिरफ्तारी हुई थी.
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