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रांची: SBU में ट्रेनिंग-कम-क्लाइमा थॉन का आयोजन, 150 प्रतिभागियों ने लिया भाग

वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा सोशल इनीशिएटिव थ्रू डेवलपमेंट एंड ह्यूमैनिटेरियन एक्शन (सीधा) के सहयोग से दो दिवसीय ट्रेनिंग-कम-क्लाइमाथॉन का आयोजन किया गया. राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन रणनीतिक ज्ञान मिशन के अंतर्गत इसका आयोजन किया गया.
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Ranchi : वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा सोशल इनीशिएटिव थ्रू डेवलपमेंट एंड ह्यूमैनिटेरियन एक्शन (सीधा) के सहयोग से दो दिवसीय ट्रेनिंग-कम-क्लाइमाथॉन का आयोजन किया गया. राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन रणनीतिक ज्ञान मिशन के अंतर्गत इसका आयोजन किया गया.

 

कार्यक्रम का संचालन विश्वविद्यालय के सिविल एवं पर्यावरण अभियांत्रिकी विभाग द्वारा किया गया, जिसमें इंजीनियरिंग, विधि, नर्सिंग, प्रबंधन, पत्रकारिता, जनसंचार एवं फार्मास्यूटिकल्स सहित विभिन्न क्षेत्रों के 150 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया.

 

कार्यक्रम के पहले दिन सीधा द्वारा जलवायु परिवर्तन पर विस्तृत परिचय सत्र आयोजित किया गया. इसके बाद चार वृत्तचित्रों के माध्यम से वैश्विक परिप्रेक्ष्य प्रस्तुत किया गया. प्रतिभागियों ने लाइफ साइकिल असेसमेंट तथा दैनिक उपयोग की वस्तुओं के संसाधन मानचित्रण पर कार्य किया. साथ ही विचार-विमर्श सत्र में विभिन्न चुनौतियों पर आधारित रचनात्मक पोस्टर भी तैयार किए गए.

 

प्रतिभागियों को 12 समूहों में विभाजित कर खाद्य, जल, अपशिष्ट, वन, स्वास्थ्य, जेंडर, खनन, ऊर्जा, उद्योग, परिवहन, आपदा एवं पारंपरिक पारिस्थितिकी ज्ञान जैसे विषयों पर नवाचारी समाधान प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया.

 

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सी. जगनाथन, रजिस्ट्रार प्रो. श्रीधर डांडिन, विश्वनाथ शाह, रवि रंजन तथा हेमंत कुमार सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे. इस अवसर पर कुलपति प्रो. जगनाथन ने विद्यार्थियों को झारखंड की जनजातीय जीवनशैली का अध्ययन कर स्थानीय स्तर पर जलवायु समाधान विकसित करने के लिए प्रेरित करते हुए “थिंक ग्लोबल, एक्ट लोकल” का संदेश दिया.

 

वहीं विश्वनाथ शाह ने इस तरह के कार्यक्रमों को राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया. पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम में चाय के लिए गन्ने के गूदे से बने बायोडिग्रेडेबल बैगास कप का उपयोग किया गया, जिससे कचरे को न्यूनतम रखा जा सका.

 

इस आयोजन की सफलता में सीधा के 15 फेलिसिटेटर्स, विश्वविद्यालय के सिविल एवं पर्यावरण अभियांत्रिकी विभाग के संकाय, कर्मचारियों एवं स्वयंसेवकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा.

 

झारखंड में इस स्तर पर पहली बार आयोजित इस कार्यक्रम पर विश्वविद्यालय के प्रतिकुलाधिपति बिजय कुमार दलान, महानिदेशक प्रो. गोपाल पाठक एवं राज्यसभा सांसद सह निदेशक प्लानिंग एंड डेवलपमेंट डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा ने हर्ष व्यक्त करते हुए शुभकामनाएं दीं.

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