Ranchi : नगर निगम द्वारा एक दिन पहले चुनुवा टोली के आदिवासी परिवारों को मौखिक रूप से घर खाली करने का अल्टीमेटम दिए जाने के बाद इलाके के दर्जनों परिवारों में भय का माहौल है. लोगों ने कहा कि इस चेतावनी के बाद उनकी नींद और चैन दोनों खत्म हो गया हैं.
अपनी समस्या को लेकर पीड़ित शनिवार को मेयर रोशनी खलखो से मिलने नगर निगम कार्यालय पहुंचे. पीड़ित परिवार की ओर से वार्ड पार्षद पवन तिर्की ने मेयर से बीत की.
इस दौरान मेयर ने कहा कि चुनुवा टोली के लोग उनके परिवार की तरह हैं और कार्यालय का माहौल अलग होता है. उन्होंने बताया कि चुनुवा टोली में एक प्रोजेक्ट बनाना है, जिसके कारण प्रभावित परिवारों को दूसरे स्थान पर शिफ्ट किया जाएगा. उन्होंने कहा कि इन्हें उसी मोहल्ले के पीछे स्थित आश्रय गृह में शिफ्ट किया जाएगा.
वहीं, आदिवासी बचाओ युवा मोर्चा के कार्यकारी अध्यक्ष आकाश तिर्की ने कहा कि चुनुवा टोली के आदिवासी परिवार पिछले 50 वर्षों से वहां रह रहे हैं. उन्होंने बताया कि बस्ती में तीन लोग से बीमार भी हैं और यदि अचानक उनके घर तोड़ दिए गए तो वे लोग बेघर हो जाएंगे. उन्होंने मांग की कि उन्हें भी उसी मुहल्ले में जगह दिया जाए, ताकि उनकी रोजी-रोटी प्रभावित न हो.
आकाश तिर्की ने नगर निगम से जल्द से जल्द स्थायी आवास आवंटित करने की मांग की. उन्होंने कहा कि यदि समय पर पुनर्वास नहीं किया गया तो आंदोलन को तेज किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर नगर निगम कार्यालय का घेराव भी किया जाएगा.
चुनुवा टोली में रहने वाले अधिकांश लोग आर्थिक रूप से कमजोर हैं. वे लोग बस स्टैंड के आसपास दुकान लगाकर और सफाई कार्य कर परिवार का भरण पोषण करते है.
वार्ड पार्षद पवन तिर्की ने कहा कि फिलहाल पांच घरों को तोड़ा जाना है. लेकिन जब तक उनके लिए आश्रय गृह या वैकल्पिक व्यवस्था नहीं कर दी जाती, तब तक किसी भी घर को न तोड़ा जाए. पूर्व में दो परिवारों के घर पहले ही तोड़े जा चुके हैं.
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