इसमें फूलो झानो सम्मान से झारखंड की दो महिलाएं मनोनीत रेबेका तोपनो एवं रोज मधु तिर्की को सम्मानित किया गया, जो सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक क्षेत्र में संघर्षशील, एक मिशाल कायम कर पाई है. वो अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा और ऊर्जा की स्रोत है.
इनको हमारी भागीदारी – हमारा अधिकार और महिलाओं का नेतृत्व, समाज का सशक्त भविष्य की थीम पर सम्मानित किया गया है. यह पिछले 16 वर्षों की सशक्त यात्रा का उत्सव था. जिसमें महिलाओं ने राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक क्षेत्रों में अपनी मजबूत भागीदारी दर्ज कराई है.
इस वर्ष से फूलो झानो अवॉर्ड की शुरुआत हुई. झारखंड की ऐतिहासिक वीरांगनाओं फूलो और झानो की विरासत से प्रेरित है. जिन्होंने अन्याय और शोषण के खिलाफ संघर्ष का प्रतीक बनकर महिलाओं के साहस और नेतृत्व को नई पहचान दी.
मौके पर प्यारा करकेट्टा फाउंडेशन से वंदना टेटे, बगईचा से टॉम कावला, लोकतंत्र राष्ट्र निर्माण मंच से मनीषा जी, सम्भवा इंजोत से किरण, कुमुद, आदिवासी एकता परिषद् के अशोक चौधरी, झारखंड जनाधिकार महासभा से मंथन, नीलम मिंज, सिसिलिया लकड़ा, पश्चिम सिंहभूम सोनिया मुर्मू, सुमी सोरेन, रेजिना टोप्पो, बिनीता टोप्पो, जयंती मिंज, बिल्कन डांग, रॉयल डांग, बिनीत मुंडू, मुक्ता कुजूर समेत अन्य शामिल थे.
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