Ranchi : राज्य सूचना आयुक्त डॉ. तनुज खत्री की अध्यक्षता में गुरुवार को रांची विश्वविद्यालय में सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम, 2005 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में विश्वविद्यालय प्रशासन, प्रथम अपीलीय प्राधिकारी (FAA), लोक सूचना पदाधिकारी (PIO) और विश्वविद्यालय से संबद्ध सभी कॉन्स्टिट्यूएंट एवं संबद्ध महाविद्यालयों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया.
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बैठक से पहले कुलपति प्रो. सरोज शर्मा ने कुलपति कक्ष में राज्य सूचना आयुक्त का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय के लिए गर्व की बात है कि इसी विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र डॉ. तनुज खत्री राज्य सूचना आयुक्त बने हैं. उन्होंने कहा कि समय पर सूचना उपलब्ध कराना प्रत्येक संस्थान की जिम्मेदारी है.
समीक्षा बैठक में डॉ. तनुज खत्री ने कहा कि सूचना का अधिकार प्रत्येक नागरिक और छात्र का वैधानिक अधिकार है. उन्होंने निर्देश दिया कि सभी कॉन्स्टिट्यूएंट एवं संबद्ध कॉलेज सात दिनों के भीतर अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर अलग से RTI Tab बनाएं. इसमें लोक सूचना पदाधिकारी (PIO), प्रथम अपीलीय प्राधिकारी (FAA) का विवरण, RTI आवेदन की प्रक्रिया, शुल्क, आवेदन भेजने का पता और धारा-4 के तहत अनिवार्य सूचनाएं उपलब्ध कराई जाएं.
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जिन महाविद्यालयों में अब तक लोक सूचना पदाधिकारी नियुक्त नहीं हैं, वहां तत्काल नियुक्ति की जाए और संबंधित आदेश वेबसाइट पर सार्वजनिक किए जाएं. साथ ही प्रत्येक RTI आवेदन का निस्तारण अधिनियम में निर्धारित 30 दिनों की समय-सीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाए.
राज्य सूचना आयुक्त ने RTI आवेदनों, प्रथम अपीलों और लंबित मामलों की निगरानी के लिए प्रभावी Monitoring एवं Tracking System विकसित करने, प्रत्येक आवेदन को विशिष्ट ट्रैकिंग नंबर देने और प्रत्येक तीन माह में RTI अनुपालन रिपोर्ट राज्य सूचना आयोग को भेजने का निर्देश भी दिया.
बैठक में अभिलेखों के वैज्ञानिक प्रबंधन और डिजिटलीकरण पर विशेष जोर दिया गया. छात्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए उन्होंने कहा कि परीक्षा परिणाम, उत्तरपुस्तिका निरीक्षण, अंक, डिग्री, माइग्रेशन, छात्रवृत्ति, शुल्क और हॉस्टल से जुड़े RTI आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध निस्तारण किया जाए, ताकि किसी भी छात्र का शैक्षणिक या रोजगार संबंधी हित प्रभावित न हो.
डॉ. खत्री ने विश्वविद्यालय को प्रत्येक शैक्षणिक सत्र में RTI ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित करने, जागरूकता सेमिनार, कार्यशाला, प्रशिक्षण, क्विज, निबंध एवं वाद-विवाद प्रतियोगिताएं आयोजित करने, प्रतिवर्ष RTI Awareness Week मनाने, सरल भाषा में RTI हैंडबुक तैयार करने, विश्वविद्यालय स्तर पर समर्पित RTI पोर्टल विकसित करने तथा प्रत्येक कॉलेज में RTI हेल्प डेस्क स्थापित करने का भी सुझाव दिया. उत्कृष्ट कार्य करने वाले PIO और महाविद्यालयों को वार्षिक RTI Compliance Award देने की भी अनुशंसा की गई.
समीक्षा के दौरान राज्य सूचना आयुक्त ने RTI आवेदनों की संख्या, लंबित मामलों, समयबद्ध निस्तारण, धारा-4 के अनुपालन, रिकॉर्ड डिजिटलीकरण और आगामी छह माह की कार्ययोजना की विस्तृत समीक्षा करते हुए आवश्यक सुधारात्मक निर्देश जारी किए.
बैठक में डॉ. तनुज खत्री ने कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम केवल सूचना उपलब्ध कराने का कानून नहीं, बल्कि पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन स्थापित करने का प्रभावी माध्यम है. प्रत्येक विश्वविद्यालय और महाविद्यालय यह सुनिश्चित करे कि किसी भी छात्र या नागरिक को सूचना प्राप्त करने में कठिनाई न हो.
बैठक में कुलसचिव डॉ. आर.के. शर्मा, रांची विश्वविद्यालय के PIO रोहित श्रीवास्तव, विभिन्न महाविद्यालयों के लोक सूचना पदाधिकारी तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे. धन्यवाद ज्ञापन विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर डॉ. मुकुंद चंद्र मेहता ने किया.
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