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रांची विवि में छात्रों ने सेमेस्टर लेट होने पर प्रशासनिक भवन किया बंद, पढ़ाई ठप,

रांची विश्वविद्यालय में सोमवार को विभिन्न नर्सिंग कॉलेजों के छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. सेमेस्टर में लगातार हो रही देरी से नाराज छात्रों ने विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में तालाबंदी कर दी और जोरदार हंगामा किया. यह प्रदर्शन एनएसयूआई के नेतृत्व में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए.
 

Ranchi : रांची विश्वविद्यालय में सोमवार को विभिन्न नर्सिंग कॉलेजों के छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. सेमेस्टर में लगातार हो रही देरी से नाराज छात्रों ने विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में तालाबंदी कर दी और जोरदार हंगामा किया. यह प्रदर्शन एनएसयूआई के नेतृत्व में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए. 

 

प्रदर्शन में शामिल जम्मू कश्मीर से आए छात्रों ने कहा कि वे बेहतर भविष्य की उम्मीद लेकर रांची आए थे, लेकिन अब उन्हें निराशा हाथ लग रही है. उस्मान नामक छात्र ने बताया कि वह थर्ड सेमेस्टर में है, लेकिन अब तक उसका रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है.

 

छात्रों ने कहा कि समय पर डिग्री नहीं मिलने पर उनकी उम्र निकल जाएगी और वे नौकरी या प्रतियोगी परीक्षाओं में आवेदन नहीं कर पाएंगे. उन्होंने यह भी बताया कि घर से दूर रहकर हॉस्टल और खाने का खर्च उठाना उनके परिवारों के लिए मुश्किल हो रहा है.

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प्रदर्शन करते छात्र

 

मेटास एडवेंटिस्ट कॉलेज और रिम्स से आए छात्रों ने बताया कि 2022-26 बैच का कोर्स इस साल नवंबर तक पूरा हो जाना चाहिए था, लेकिन अब तक केवल दो सेमेस्टर की परीक्षाएं ही हो सकी हैं. छात्रों के अनुसार चौथे वर्ष के छात्रों की अब तक सिर्फ पहले सेमेस्टर की परीक्षा हुई है.

 

एक सेमेस्टर की परीक्षा और उसका परिणाम आने में लगभग एक साल लग रहा है. बिना रजिस्ट्रेशन के छात्र खुद को विश्वविद्यालय का हिस्सा भी नहीं मान पा रहे हैं, जबकि वे अस्पतालों में ड्यूटी कर रहे हैं.

 

छात्रों के समर्थन में पहुंचे एनएसयूआई के प्रदेश सचिव पवन नागवा ने विश्वविद्यालय प्रशासन और कुलपति पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि अधिकारी छात्रों के भविष्य की चिंता करने के बजाय निर्माण कार्यों में व्यस्त हैं.

 

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुलपति छात्रों की समस्याओं को सुनने के लिए फोन तक नहीं उठाते हैं. नागवा ने कहा कि राज्य के गरीब, आदिवासी और पिछड़े वर्ग के छात्र कर्ज लेकर पढ़ाई कर रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं की अनदेखी की जा रही है.

 

छात्रों ने मांग की है कि परीक्षाओं का एक निश्चित कैलेंडर जारी किया जाए और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए. छात्रों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे अपने हक के लिए सड़क पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेंगे.

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