- साक्ष्य मिटाने के लिए शव को चूल्हे में जलाया
Ranchi : तमाड़ थाना क्षेत्र में हुई एक महिला की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने खुलासा किया है. जिसे शुरू में आग से जलकर हुई दुर्घटना माना जा रहा था, वह दरअसल सोची-समझी साजिश के तहत की गई सुपारी किलिंग निकली. एसएसपी राकेश रंजन के निर्देश पर पुलिस ने इस मामले में मुख्य साजिशकर्ता देवर समेत कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.
उल्लेखनीय है कि बीते एक फरवरी को तमाड़ के तालाडीह ग्राम में एतवारी कुमारी नामक महिला का शव उसके घर के चूल्हे में जला हुआ पाया गया था.
प्रथम दृष्टया इसे चूल्हे की आग से हुई मृत्यु माना गया. लेकिन दो फरवरी को आई पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने पूरे मामले को पलट कर रख दिया. रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि महिला की मौत आग से नहीं, बल्कि सिर में गोली लगने से हुई है.
इस सनसनीखेज खुलासे के बाद एसएसपी के निर्देश पर एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया. टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अलग-अलग ठिकानों से 6 आरोपियों को धर पकड़ा.
पुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपी सोनाराम लोहरा (मृतिका का देवर) ने अपना जुर्म कबूल कर लिया. उसने बताया कि उसे शक था कि उसकी भाभी एतवारी कुमारी जादू-टोना जानती है.
उसे विश्वास था कि भाभी ने ही उसके दो बच्चों को जादू-टोना करके मार डाला है. इसी प्रतिशोध में उसने अपनी भाभी को रास्ते से हटाने की योजना बनाई.
भाभी की हत्या के लिए सोनाराम ने अपने साले अमित लोहरा की मदद ली. अमित ने बुण्डू निवासी शूटर विष्णु महतो से संपर्क किया और दो लाख रुपये में हत्या का सौदा तय हुआ.
एक फरवरी की शाम को शूटर विष्णु महतो और उसका साथी बबलू महतो एतवारी कुमारी के घर पहुंचे, जहां पहले से ही अन्य आरोपी मौजूद थे. विष्णु महतो ने एतवारी के सिर में गोली मारकर उसकी हत्या कर दी.
साक्ष्य मिटाने की कोशिश
हत्या के बाद गोली के निशान और सुराग मिटाने के लिए आरोपियों ने महिला के शव को चूल्हे की आग में डाल दिया. उनकी योजना इसे एक घरेलू हादसे का रूप देने की थी, ताकि पुलिस और ग्रामीण भ्रमित रहें.
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