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रांची: सतत उद्यम विकास से आदिवासी व ग्रामीण आजीविका सशक्तिकरण पर कार्यशाला

नीति आयोग की नीति स्टेट वर्कशॉप सीरीज के तहत स्टेट सपोर्ट मिशन की पहल के रूप में झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रोमोशन सोसाइटी (JSLPS) एवं ग्रामीण विकास विभाग, झारखंड सरकार के सहयोग से “सतत उद्यम विकास के माध्यम से आदिवासी एवं ग्रामीण आजीविका सशक्तिकरण” विषय पर एक राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया.
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Ranchi : नीति आयोग की नीति स्टेट वर्कशॉप सीरीज के तहत स्टेट सपोर्ट मिशन की पहल के रूप में झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रोमोशन सोसाइटी (JSLPS) एवं ग्रामीण विकास विभाग, झारखंड सरकार के सहयोग से “सतत उद्यम विकास के माध्यम से आदिवासी एवं ग्रामीण आजीविका सशक्तिकरण” विषय पर एक राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया.

 

कार्यशाला का उद्घाटन नीति आयोग के सदस्य प्रो. रमेश चंद, नीति आयोग के सलाहकार सुरेन्द्र मेहरा, ग्रामीण विकास विभाग के सचिव के. श्रीनिवासन तथा JSLPS के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी अनन्य मित्तल द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया.

 

JSLPS के सीईओ अनन्य मित्तल ने कहा कि यह कार्यशाला झारखंड के ग्रामीण एवं जनजातीय क्षेत्रों में महिलाओं द्वारा संचालित आजीविका और उद्यमों को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है.

 

नीति आयोग के सलाहकार सुरेन्द्र मेहरा ने बताया कि कार्यशाला का उद्देश्य अन्य राज्यों के सफल मॉडलों से सीख लेकर उन्हें विभागीय समन्वय के माध्यम से झारखंड में लागू करना है.

 

वहीं ग्रामीण विकास सचिव के. श्रीनिवासन ने भूमि उपयोग, वित्तीय संसाधन, बाजार संपर्क तथा तेंदू पत्ता, तसर रेशम और महुआ जैसे लघु वनोपज आधारित आजीविकाओं की संभावनाओं पर प्रकाश डाला. उन्होंने ब्रांड पलाश और अदिवा जैसी राज्य की पहलों तथा बड़े स्तर पर पलाश मार्ट स्थापित करने की योजना की भी जानकारी दी.

 

मुख्य भाषण में प्रो. रमेश चंद ने समावेशी विकास के लिए बेहतर भूमि उपयोग योजना, नियोजित शहरीकरण और रोजगार खोजने से आगे बढ़कर रोजगार सृजन पर बल दिया.

 

कार्यशाला के दौरान विभिन्न संस्थाओं द्वारा लगाए गए 22 स्टॉलों का अवलोकन किया गया, जिनमें पलाश मार्ट, झार क्राफ्ट, IHM, BIT मेसरा, अदिवा ब्रांड और दीदी कैफे प्रमुख रहे.

 

दूसरे सत्र में ग्रामीण झारखंड में नवाचार आधारित उद्यमों तथा सतत आजीविका के लिए सरकार–उद्योग–अकादमिक–नागरिक समाज के समन्वय पर पैनल चर्चाएं आयोजित की गईं.

 

समापन सत्र में नीति आयोग के उप सलाहकार अमित भारद्वाज ने भविष्य की कार्ययोजना प्रस्तुत करते हुए नीति समन्वय, संस्थागत सशक्तिकरण और विस्तार योग्य उद्यम मॉडलों पर जोर दिया. कार्यशाला में झारखंड सरकार के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं JSLPS के अधिकारी उपस्थित रहे.

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