Search

 
 
 

रांची में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ पर युवाओं की राय बंटी, समर्थन से ज्यादा उठे सवाल

सोशल मीडिया पर इन दिनों ‘कॉकरोच जनता पार्टी (CJP)’ नाम तेजी से चर्चा में है. एक युवा द्वारा शुरू किए गए इस सोशल मीडिया अभियान ने कम समय में बड़ी संख्या में लोगों का ध्यान आकर्षित किया है और खासकर युवाओं के बीच इसकी चर्चा बढ़ी है. इस पहल की शुरुआत उस कथित विवादित टिप्पणी के विरोध में हुई, जिसमें बेरोजगार युवाओं और छात्रों की तुलना ‘कॉकरोच’ से किया गया.
 

Ranchi: सोशल मीडिया पर इन दिनों ‘कॉकरोच जनता पार्टी (CJP)’ नाम तेजी से चर्चा में है. एक युवा द्वारा शुरू किए गए इस सोशल मीडिया अभियान ने कम समय में बड़ी संख्या में लोगों का ध्यान आकर्षित किया है और खासकर युवाओं के बीच इसकी चर्चा बढ़ी है. इस पहल की शुरुआत उस कथित विवादित टिप्पणी के विरोध में हुई, जिसमें बेरोजगार युवाओं और छात्रों की तुलना ‘कॉकरोच’ से किया गया. इसी के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर एक अभियान खड़ा हुआ, जिसे कई युवाओं ने अपनी नाराजगी और असंतोष व्यक्त करने के मंच के रूप में देखा.

 

झारखंड के विभिन्न कॉलेजों के छात्रों से बातचीत में इस विषय पर अलग-अलग राय सामने आई. कुछ छात्रों ने कहा कि यह मंच युवाओं के महत्वपूर्ण मुद्दों - जैसे नीट (NEET) पेपर लीक, बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था की चुनौतियों को सामने ला रहा है. उनका मानना है कि यदि युवा रोजगार और नीतिगत सवालों पर आवाज उठा रहे हैं तो उसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए.

 

वहीं दूसरी ओर अधिकतर छात्रों ने इस पहल को केवल एक सोशल मीडिया ट्रेंड बताया और कहा कि इससे युवाओं का ध्यान वास्तविक मुद्दों से भटक सकता है. कुछ छात्रों ने यह भी कहा कि जिस आंदोलन की शुरुआत छात्रों और युवाओं के हितों के लिए हुई थी, वह अब कथित तौर पर राजनीतिक और वैचारिक बहसों की ओर मुड़ता दिख रहा है. छात्रों के एक वर्ग ने सोशल मीडिया पोस्टों और अभियानों को लेकर चिंता जताई और कहा कि किसी भी आंदोलन का केंद्र मूल मुद्दों पर ही रहना चाहिए.

 

इस बीच यह अभियान विवादों में भी आ गया है. दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर सोशल मीडिया पर कुछ ऐसे वीडियो और पोस्ट सामने आने के दावे किए गए हैं, जिनमें प्रदर्शन में लाठी-डंडा लेकर पहुंचने की अपील दिखाई गई. हालांकि छात्रों और युवाओं के कई समूहों ने इस तरह की किसी भी अपील का विरोध करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक विरोध हमेशा शांतिपूर्ण और संवैधानिक दायरे में होना चाहिए.

 

साथ ही संगठन के संस्थापक को लेकर भी सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्टों में कई गंभीर आरोपों की चर्चा की गई है. इनमें कथित कानूनी मामलों, विदेशी संबंधों और पुलिस कार्रवाई जैसे दावे शामिल हैं.

 

फिलहाल ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ को लेकर सोशल मीडिया पर बहस जारी है. एक पक्ष इसे युवाओं की नई राजनीतिक और सामाजिक अभिव्यक्ति के रूप में देख रहा है, जबकि दूसरा पक्ष इसके तरीकों और दिशा को लेकर सवाल उठा रहा है. अब सभी की नजर जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन और उसके प्रभाव पर बनी हुई है.

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.

Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही