- रांची डीसी को ज्ञापन सौंपा
- SIT गठित करने और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग
Ranchi News : अरगोड़ा अंचल में कार्यरत कर्मचारी लक्ष्मीकांत मुंडा की हत्या मामले में अब तक अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर अंचल कर्मचारी संघ ने नाराजगी जताई है. संघ के प्रतिनिधियों ने रांची डीसी मंजूनाथ भजंत्री से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा है.
संघ ने डीसी से मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) गठित करने और आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है. साथ ही, सरकारी कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की गई है. (झारखंड से जुड़ी खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें...)
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हत्याकांड के विरोध में आज निकलेगा कैंडल मार्च
लक्ष्मीकांत मुंडा को न्याय दिलाने और कर्मचारियों की सुरक्षा की मांग को लेकर अंचल कर्मचारी संघ की ओर से आज शाम करीब पांच बजे कैंडल मार्च निकाला जाएगा. यह मार्च शहर अंचल कार्यालय से शुरू होकर फिरायालाल चौक तक जाएगा. संघ का कहना है कि इस घटना से सरकारी कर्मियों खासकर अंचल कर्मियों के बीच डर का माहौल है.
घर से बरामद किया गया था लक्ष्मीकांत का शव
गौरतलब है कि बुंडू के डालकीडीह निवासी लक्ष्मीकांत मुंडा का शव 24 अक्टूबर की शाम उनके नामकुम स्थित आवास से बरामद किया गया था. बताया जाता है कि अपराधी घर में लगे सीसीटीवी कैमरे का डीवीआर और लक्ष्मीकांत का मोबाइल फोन भी अपने साथ ले गए थे. ऐसे में पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने में सफलता नहीं मिल पाई है.
हालांकि पुलिस कुछ संदिग्धों को गिरफ्तार कर पूछताछ कर रही है. फिलहाल पुलिस इस मामले में मानवीय और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है. नामकुम थाना प्रभारी के अनुसार, पुलिस अपने स्तर पर गोपनीय तरीके से जांच कर रही है और आरोपियों को पकड़ने के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है.
जानकारी के मुताबिक, हत्या से पहले लक्ष्मीकांत मुंडा अतिक्रमण हटाओ अभियान की टीम के साथ कसाई मोहल्ला गए थे. पुलिस इस पहलू को भी जांच के दायरे में रखकर पड़ताल कर रही है. हालांकि, इस गतिविधि का हत्या से कोई संबंध है या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
नामकुम में अकेले रहते थे लक्ष्मीकांत
लक्ष्मीकांत मुंडा नामकुम में अपने पिता की खरीदी हुई जमीन पर बने कच्चे मकान में अकेले रहते थे. उनकी पत्नी सरायकेला के डाकघर में कार्यरत हैं. लक्ष्मीकांत की दो बेटियां हैं. उनके पिता बुंडू में पंचायत सेवक के पद पर कार्यरत थे.

